लाल किले से मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इस सरकार के कार्यकाल का स्वतंत्रता दिवस का यह अंतिम भाषण था। इस बार भी लाल किले की प्राचीर से हमने वैसे ही भाषण सुना जिसके लिए मोदी जाने जाते हैं। स्वतंत्रता के लिए बापू के अहिंसक संघर्ष के साथ क्रांतिकारियों का भी अभिनंदन करते हुए उन्होंने संतुलन बनाया। निस्संदेह, भाषण में राजनीति भी थी।

आखिर 2019 में उनको आम चुनाव में कूदना है और उसके पहले तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव है। तो अपनी सरकार की उपलब्धियों व शेष लक्ष्यों का विवरण उन्हें देना ही था। जिस तरह अपनी सरकार के क्रियाकलापों के मूल्यांकन के लिए उन्होंने 2013 को आधार वर्ष बनाया और उस दौरान की नकारात्मक स्थितियों से तुलना करते हुए अपनी सरकार की सकारात्मक तस्वीरें दिखाई निश्चय ही वह विपक्ष को नागवार गुजरा है।

किंतु इसे छोड़ दें तो पूरा भाषण भारत के एक स्वर्णिम भविष्य की तस्वीर पेश करने वाला और आत्मविश्वास जगाने वाला था। स्वतंत्रता दिवस का मतलब केवल प्रधानमंत्री द्वारा अपना कार्यवृत्त पेश करना नहीं होना चाहिए। देश के लिए काम करने की प्रेरणा देना प्रधानमंत्री के भाषण का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए। प्रधानमंत्री के भाषण को हम इस कसौटी पर खरा उतरने वाला मानेंगे।

उन्होंने आजादी के संघर्ष के साथ इसके सपने क्या थे, इसको स्पष्ट करने के लिए तमिल कवि सुब्रह्मण्यम भारती और देश को समझने के लिए महर्षि अरविंद को उद्धृत करके नागरिकों को यह संदेश दिया कि आखिर हम हैं कौन और हमारा मूल लक्ष्य क्या है? यह सच है कि आजादी के लिए संघर्ष का लक्ष्य केवल अंग्रेजों को भगाना नहीं था, बल्कि ऐसा भारत बनाना था, जो समृद्ध और वैभवशाली होने के साथ दुनिया के लिए भी प्रेरक बन सके।

मोदी द्वारा देशवासियों को यह याद दिलाना वास्तव में हमें-आपको झकझोरना ही था। यानी नागरिक यह समझें कि उनका दायित्व क्या है। इसी में उन्होंने ईमानदार करदाताओं को यह बताया कि आपके कर से गरीबों के पेट में दाना जाता है और इसका पुण्य आपको मिलता है। कर देने के लिए धार्मिंक भाव पैदा करने की संभवत: यह पहली कोशिश है।

हां, महिलाओं-लड़कियों के साथ होने वाले दुराचार को यदि वो भूल जाते तो इसे अच्छा नहीं माना जाता। प्रधानमंत्री ने ठीक ही कहा कि ऐसी राक्षसी प्रवृत्तियों के अंत के लिए कानून और इसे लागू करने वाली एजेंसियों की अपनी भूमिका तो है ही, किंतु परिवार से बच्चों को मिलने वाला संस्कार का महत्त्व सबसे ज्यादा है।