रेप मामलों के लिए तुरंत बनाएं फास्ट ट्रैक कोर्ट

संजय के झा, सहारा न्यूज ब्यूरो, नई दिल्ली

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा बलात्कार के मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का आदेश दिल्ली सरकार को दिया है जिसके बाद दिल्ली सरकार बलात्कार की शिकार महिलाओं का प्रतिदिन ट्रायल सुनिश्चित कर दो महीने में सजा दिलाने का प्रयास करने पर काम शुरू कर दिया है। दिल्ली सरकार के शीर्ष अधिकारियों ने इस विषय पर गृह मंत्रालय में हुई अहम बैठक में हिस्सा लिया। अब इसको अमली जामा पहनाने की तैयारी शुरू हो गई है।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट निर्देश दिया कि बलात्कार मामले के लिए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट बनाया जाए। साथ ही विशेष फोरेंसिक लैब बनाने व स्पेशल फोरेंसिक किट्स की व्यवस्था भी करने को कहा गया है। पीएमओ ने जानकारी मांगी कि फोरेंसिक लैब कितना आधुनिक है व किस प्रकार की तैयारी की आवश्यकता होगी ताकि विशेष लैब निर्माण में गैप को तुरंत समाप्त किया जा सके।

अनुसंधान के लिए विशेष टीम बनाने को कहा गया है। गृह मंत्रालय का यूटी विभाग दिल्ली में इस नए प्रयोग के लिए आवश्यकता की सूची तैयार करेगा ताकि फास्ट ट्रैक कोर्ट शुरू करने में कोई कोताही नहीं हो सकेगी। साथ ही कोर्ट में मामले की जिरह करने के लिए बेहतर अभियोजन टीम काम करेगी। पीएमओ ने कहा कि बलात्कार मामलों में अनुंधान, फोरेंसिक लैब से टेस्ट व कोर्ट की प्रक्रिया को मिलाकर कई एजेंसी का काम है इसलिए इस काम के लिए मिशन डायरेक्टर नियुक्त किया जाएगा ताकि वे सभी विभागों से समन्वय कर सकेंगे।

पीएमओ ने सभी राज्यों में अबतक लंबित बलात्कार मामलों का डाटाबेस तुरंत तैयार करने कहा है। यह काम नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो को दिया गया है। सूत्रों के अनुसार दिल्ली में बलात्कार के लंबित मामलों की संख्या ज्यादा है इसलिए कुछ मामलों का त्वरित निपटान करने फास्ट ट्रायल तुरंत शुरू किया जाएगा। शीर्ष अधिकारी इसकी व्यवस्था में जुट गए हैं।