रुपे कार्ड, भीम ऐप से ट्रांजेक्शन पर मिलेगा जीएसटी का 20% कैशबैक

सहारा न्यूज ब्यूरो, नई दिल्ली/कोलकाता

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने रुपे डेबिट कार्ड, यूएसएसडी और भीम ऐप के माध्यम से भुगतान करने पर ग्राहकों को जीएसटी का 20 प्रतिशत कैशबैक के रूप में वापस करने की योजना बनाई है।
परिषद की यहां हुई बैठक के बाद वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने और औपचारिक अर्थव्यवस्था का दायरा विस्तृत करने के लिए रुपे डेबिट कार्ड, यूएसएसडी और भीम ऐप के माध्यम से भुगतान पर प्रति ट्रांजेक्शन जीएसटी का 20 प्रतिशत कैशबैक देने की योजना तैयार की गई है। अभी यह योजना पायलट आधार पर सिर्फ उन्हीं राज्यों में लागू की जाएगी जो इसके लिए स्वेच्छा से तैयार होंगे। इससे पहले इसके लिए साफ्टवेयर तैयार किया जाएगा और उसके बाद जो राज्य सामने आएंगे वहां कैशबैक योजना लागू की जाएगी।
श्री गोयल ने बताया कि पायलट स्तर पर योजना सफल रहने के बाद जीएसटी परिषद इसे पूरे देश में लागू करने पर विचार कर सकती है। उन्होंने कहा कि रुपे कार्डधारक और भीम ऐप इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर ग्रामीण गरीब हैं और योजना से उन्हें औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनाने में मदद मिलेगी। कैशबैक की अधिकतम राशि सौ रुपए होगी।
परिषद ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के उपायों पर विचार के लिए राज्यों के वित्त मंत्रियों का एक उपसमूह भी गठित किया है। वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला की अध्यक्षता में गठित उपसमूह में दिल्ली के वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया, बिहार के वित्त मंत्री सुशील मोदी, असम के वित्त मंत्री हेमंत बिस्वा सर्मा, केरल के वित्त मंत्री थॉमस आइजैक और पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल सदस्य होंगे। बैठक में एमएसएमई के साथ ही खुदरा व्यापारियों की समस्याओं पर भी विचार किया गया। राज्यों ने इन मुद्दों पर अपने विचार रखें तथा सुझाव दिये।

जीएसटी के होंगे तीन स्लैब
दीर्घावधि में कर मुक्त वस्तुओं की श्रेणी को छोड़ कर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में कर स्लैब घटकर तीन पर आ सकते हैं। वित्त मंत्रालय में प्रमुख आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल ने शनिवार को यह राय व्यक्त की।
भारत चैंबर आफ कामर्स द्वारा आयोजित एक परिचर्चा सत्र को संबोधित करते हुए सान्याल ने कहा कि ये तीन स्लैब पांच प्रतिशत, 15 प्रतिशत (12 और 18 प्रतिशत को मिलाकर) तथा 25 प्रतिशत के रूप में हो सकते हैं। फिलहाल जीएसटी में चार स्लैब 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत के हैं। इसके अलावा एक मुक्त श्रेणी है जिसमें शामिल वस्तुओं पर कोई कर नहीं लगता। सान्याल ने कहा कि दीर्घावधि में जीएसटी दरों को घटाया जा सकता है, क्योंकि जीएसटी को और सरल बनाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जयादातर उत्पाद 15 प्रतिशत के कर स्लैब में आ सकते हैं।