राष्ट्रमंडल खेल (बैडमिंटन) : सायना ने लगाया स्वर्ण पर निशाना, श्रीकांत, सिंधु को रजत

आईएएनएस, गोल्ड कोस्ट (आस्ट्रेलिया)

लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता सायना नेहवाल ने यहां जारी 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में अंतिम दिन रविवार को महिला एकल वर्ग का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके अलावा, रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता पी.वी सिंधु, किदांबी श्रीकांत और सात्विक साईराजरंकीड्डी-चिराग शेट्टी जोड़ी को रजत पदक हासिल हुआ।

सायना ऐसे में राष्ट्रमंडल खेलों में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बन गई हैं। वल्र्ड नम्बर-12 सायना ने इससे पहले 2010 में राजधानी दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।

लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता सायना ने स्वर्ण पदक के लिए खेले गए महिला एकल वर्ग के मैच में हमवतन सिंधु को 56 मिनट में 21-18, 23-21 से मात देकर राष्ट्रमल खेलों का दूसरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

सायना और सिंधु के बीच कुल 4 मुकाबले खेले जा चुके हैं और सायना इसमें 3-1 से आगे हैं। हाल ही में हुए इंडोनेशिया मास्टर्स टूर्नामेंट में भी सायना ने सिंधु को मात दी थी।

सिधु को हार के कारण रजत पदक से संतोष करना पड़ा। हालांकि, वह 2014 में ग्लास्गो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में जीते गए महिला एकल वर्ग के कांस्य पदक को रजत में बदलने में तब्दील रही।

इसके अलावा, पुरुष एकल वर्ग में श्रीकांत को भी रजत पदक मिला। उन्हें स्वर्ण पदक के लिए खेले गए मैच में मलेशिया के दिग्गज और राष्ट्रमंडल खेलों में चार बार स्वर्ण पदक जीत चुके ली चोंग वेई ने मात दी।

वल्र्ड नम्बर-7 ली ने वर्ल्ड नम्बर-1 श्रीकांत को एक घंटे और पांच मिनट तक चले मैच में 19-21, 21-14, 21-14 से मात देकर जीत हासिल की और पांचवें स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

श्रीकांत को भले ही हार के कारण रजत पदक मिला हो, लेकिन वह राष्ट्रमंडल खेलों में अपना पदक का खाता खोलने मे सफल रहे।

वह पिछली बार ग्लोग्सो में 20वें राष्ट्रमंडल खेलों में केवल क्वार्टर फाइनल तक का सफर ही तय कर पाए थे। ऐसे में यह उनका राष्ट्रमंडल खेलों का पहला पदक है।

पुरुष युगल वर्ग में भी भारत को रजत पदक मिला। भारतीय जोड़ी को स्वर्ण पदक के लिए खेले गए मैच में 38 मिनट के भीतर इंग्लैंड की मार्कस एलिस और क्रिस लेंगरिज की जोड़ी ने सीधे गेमों में 13-21, 16-21 से मात दी।

चिराग और सात्विक की जोड़ी राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुष युगल स्पर्धा में पदक जीतने वाली पहली जोड़ी बन गई है। इससे पहले कोई भी भारतीय पुरुष युगल जोड़ी पदक जीतने में असफल रही थी।