राजस्थान विधानसभा चुनाव: EC ने रखी सुगम-मतदान की थीम, मतदान केन्द्रों पर होंगी ये विशेष सुविधाएं

वार्ता, झुंझुनूं

राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग द्वारा सुगम-मतदान की थीम रखी गई है और इसके तहत विशेष योग्यजनों को मतदान केन्द्रों पर विशेष सुविधाएं प्रदान की जायेगी।

जिला निर्वाचन अधिकारी दिनेश कुमार यादव ने बताया कि इसके तहत मतदान के लिए दिव्यांगों को आवश्यकतानुसार आवागमन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस बार के चुनाव में पहली बार ब्रेल लिपि की वोटर स्लिप भी विशेष योग्यजनों को वितरित की जाएगी। नोडल अधिकारी द्वारा चुनाव संबंधी जानकारी मीडिया को दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि जिले में कुल 16 लाख 35 हजार 194 मतदाता हैं, इनमें पुरूष मतदाता 852065 एवं महिला मतदाता 783129 हैं। नाम जुड़वाने से वंचित पात्र व्यक्ति अभी भी निर्धारित प्रक्रिया से अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं। जिले के सातों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 1770 पोलिंग स्टेशन  हैं, इनमें 241 शहरी हैं, जबकि 1529 ग्रामीण  हैं।
     
उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलग-अलग प्रकार के दलों की टीम का गठन किया गया है। इसके तहत 165 सेक्टर ऑफिसर, अकाउण्ट्स टीम के 7 दल, फलाईंग स्क्वायड टीम के 9, सविलेंस टीम के 20, वीएसटी टीम के सात एवं वीवीटी टीम के तहत सात दल गठित किए गए हैं। प्रत्येक विधानसभा क्षेा में एक आदर्श एवं एक महिलाकर्मी मतदान केन्द्र बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि आदर्श आचार संहिता की पालना के तहत अब तक प्रचार संबंधित 8 हजार 424 होर्डिंग्स, पोस्टर, बैनर हटाए गए हैं।
    
उन्होंने बताया कि राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 के तहत पम्पलेटों, पोस्टरों के मुद्रण पर नियंत्रण के सम्बन्ध में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127-क के प्रावधान हैं। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति किसी ऐसे निर्वाचन पम्फलेट या पोस्टरों को प्रकाशित या मुद्रित नहीं करेगा, जिसके मुख पर उसके मुद्रक और प्रकाशन का नाम और पता न दिया हो। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी निर्वाचक पम्फलेट का मुद्रण तब नहीं करेगा या करवाएगा जब तक दस्तावेज के मुद्रण के पश्चात युक्तिसंगत समय के भीतर घोषणा की एक प्रति दस्तावेज की एक प्रति के साथ मुद्रक द्वारा, जहां तक मुद्रित हुआ हो उस राज्य की राजधानी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को और किसी अन्य मामले में उस जिले के जिला मजिस्ट्रेट को भेज न दिया जाए।
     
जिले में वर्ष 2013 चुनाव के समय के मुकाबले इस बार 2.33 लाख युवा वोटर पूरे जिले में सातों विधानसभा क्षेत्रों में बढ़े हैं। सर्वाधिक बढ़ोत्तरी नवलगढ़ में हुई है, जहां पर इस बार 40 हजार 484 वोटर बढ़े है।
   
जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों के 368 मतदान केंद्रों पर इस बार विशेष नजर रहेगी। इन मतदान केंद्रों को संवेदनशील माना गया है। इनमें सर्वाधिक 81 मतदान केंद्र अकेले सूरजगढ़ विधानसभा क्षेा के हैं। इसके अलावा, पिलानी में 19, झुंझुनू में 37, मंडावा में 40, नवलगढ़ में 58, उदयपुरवाटी में 68 तथा खेतड़ी में 65 मतदान केंद्रों को संवेदनशील मानते हुए पुलिस और प्रशासन इनकी सुरक्षा बंदोबस्त पर काम कर रहा है। हालांकि अभी सूची फाइनल नहीं की गई है।
   इस बार चुनावों के लिए 212 मतदान केंद्र बढ़ाए गए हैं। जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों के संवेदनशील 368 मतदान केंद्रों पर इस बार विशेष नजर रहेगी।