राजस्थान: कांग्रेस के भारत बंद का मिलाजुला असर

वार्ता, जयपुर

अखिल भारतीय कांग्रेस की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर आयोजित छह घंटे का राष्ट्र व्यापी भारत बंद का राजस्थान में मिलाजुला असर रहा।
      
कांग्रेस के कार्यकर्ता सवेरे से ही सड़कों पर घूम घूम कर बाजारों को बंद कराते देखे गये हालांकि प्रदेश में अधिकांश बाजारों के खुलने का समय ग्यारह बजे के आसपास रहता है।
         
कांग्रेस के बंद के आहवान के मद्देनजर प्रदेश के अधिकांश शहरों में गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं ने एहतियात के तौर पर स्कूलों की छुट्टी रखी हालांकि कांग्रेस ने शिक्षण संस्थाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को बंद से मुक्त रखा था।
       
राजधानी जयपुर में बंद का मिला जुला असर देखने को मिला। शहर के इंदिरा बाजार, किशनपोल बाजार सहित अनेक बाजारों में आधी से अधिक दुकानें खुली रही। कुछ दूकानों के आधे शटर खुले देखे गये। शहर के बाहरी इलाके बरकत नगर में सवेरे से ही कांग्रेसी कार्यकर्ता जीपों और बाईक पर सवार होकर दुकानें बंद कराते देखे गये। शहर के अंदरूनी इलाकों सहित कई प्रमुख बाजार आधे खुले हुये है। इसी तरह शहर के बाहरी इलाकों में बंद का असर नगण्य देखा गया। कांग्रेस की ओर से दावा किया गया था  कि बंद को 30 से अधिक व्यापारिक संगठनों ने समर्थन किया लेकिन इसका असर शहर में देखने को नही मिला।
     
कांग्रेस के बंद को देखते हुये समूचे प्रदेश में कडी सुरक्षा व्यवस्था की गयी है। पुलिस के जवान घुमंतु वाहनों से शहर में निगरानी रखे हुये है। बंद के दौरान अभी तक कहीं से भी कोई अप्रिय घटना की सूचना नही है।
      
अजमेर से प्राप्त सूचना के अनुसार वहां बंद के दौरान पेट्रोल पंप भी बंद रहे। कांग्रेस के कार्यकर्ता समूह के रूप में टोलियां बना कर दुकानों को बंद कराते देखे गये। वहीं कोटा में पेट्रोल पंपो ने बंद का समर्थन करते हुये दोपहर एक बजे तक व्यवसाय बंद रखने की घोषणा की है।
       
प्रदेश के उदयपुर, बीकानेर, भरतपुर सहित अनेक शहरों में बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला है।