राजस्थान: कर्मचारियों की हड़ताल से रोड़वेज का चक्का जाम, यात्री परेशान

वार्ता, जयपुर

राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम कर्मचारियों की 13 सूीय मांगो को लेकर आज समूचे प्रदेश में बसों के पहिये जाम हो गये जिसके कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
           
रोडवेज कर्मचारी संघ के आहवान पर आज रात्रि 12 बजे के बाद से आगामी 48 घंटो के लिये शुरू हुयी इस हड़ताल के कारण निगम की लगभग चार हजार से अधिक बसों का चक्का जाम हो गया है और आज से बसों का संचालन पूरी तरह से ठप्प हो गया है।

राजधानी जयपुर सहित पूरे प्रदेश में यी रात से ही परेशान हो रहे है और बसों के संचालन नही होने के कारण उन्हें निजी बस आपरेटर के भरोसे होना पड रहा है। रोडवेज कर्मियों की हडताल के कारण प्राइवेट वाहन चालकों ने भी मनमाना किराया वसूलना शुरू कर दिया है जिसके कारण याियों पर दोहरी मार पड रही है। कुछ यात्री हडताल को देखते हुये रेलवे की शरण में जाते देखे गये।
        
रोडवेज बस स्टेंड पर कर्मचारी संगठन से जुडे नेता रात से ही डेरा डाले हुये है ओर बाहर से आने वाली गाडियों को बस स्टेंड पर पहुंचते ही रोक दिया गया है। रात बारह बजे से पहले चली लम्बी दूरी की बसों के संचालन पर आंशिक असर पडा है।
           
राज्य सरकार की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था करने का दावा फैल हो गया है और बस स्टेंड पर पहुंचने वाले याियों को कोई साधन नही मिल रहा है। यात्री गंतव्य स्थानों पर जाने के लिये इधर उधर भटकते नजर आये। 

राजस्थान के अजमेर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर और जोधपुर संभाग मुख्यालयों से मिली जानकारी के अनुसार वहां पर भी कर्मचारियों की हडताल के कारण बसों का चक्का जाम है।
         
गत चार सालों में रोडवेज कर्मचारियों की 48 धंटे की इस हडताल से राज्य में परिवहन सेवा पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गयी है।
         
राजधानी जयपुर में रोडवेज हडताल के साथ ही लो फ्लोर बस चालकों ने भी हडताल कर दी है जिसके कारण शहर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बाधित हो गया है। लो फलोर वाहन चालक भी अपनी 2. सूत्री मांगों को लेकर हडताल पर उतर गये है।

कर्मचारियों की मांगों में सातवें वेतन आयोग को लागू करने, सेवानिवृत कर्मचारियों के ग्रेच्यूटी और बकाया वेतन देने, कर्मचारियों के वेतन भत्ते को जारी करने आदि शामिल है।