यू हीं चलते चलते हो गई थी मुलाकात : अरुण जेटली

सहारा न्यूज ब्यूरो, नई दिल्ली

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शराब कारोबारी विजय माल्या के इस बयान को खारिज करते हुए कहा कि माल्या 2016 में भारत छोड़ कर लंदन जाने से पहले उनसे मिला था। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि संसद परिसर में उनकी यूं ही चलते चलते मुलाकात हो गई थी। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर तीखी प्रति क्रिया देते हुए कहा, जेटली और सरकार को इस मुलाकात का विवरण देना होगा। माल्या का बयान साफ इशारा कर रहा है कि दाल में कुछ काला है।
 जेटली ने कहा कि 2014 के बाद उन्होंने माल्या को कभी मिलने का समय नहीं दिया लेकिन माल्या ने राज्यसभा सदस्य के रूप में अपने विशेषाधिकार का गलत इस्तेमाल करते हुए संसद भवन के गलियारे में उन्हें रोककर बात करने की कोशिश की थी। वित्तमंत्री ने फेसबुक पर एक लेख में माल्या के लंदन में दिए गए बयान को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया। उन्होंने कहा कि उसके बयान में सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा, मैं सदन से निकल कर अपने कमरे की तरफ बढ़ रहा था तो वह तेजी से पीछा कर मेरे पास आ गए। चलते-चलते उन्होंने कहा कि उसके पास ऋण के समाधान की एक योजना है। जेटली ने कहा, उसकी पहले की ऐसी झूठी पेशकश के बारे में पहले से पूरी तरह अवगत होने के कारण उसे बातचीत आगे बढ़ाने का मौका नहीं देते हुए मैंने कहा कि ‘मुझसे बात करने का कोई फायदा नहीं है और उसे अपनी बात बैंकों के सामने रखनी चाहिए। वित्त मंत्री ने कहा कि माल्या के हाथ में कुछ कागज थे, जो उन्होंने नहीं लिए। जेटली ने कहा कि इस एक वाक्य की बातचीत के अलावा उन्होंने कभी इस शराब कारोबारी को समय नहीं दिया।
इससे पहले लंदन में बुधवार को अदालत में पेश होने आए विजय माल्या ने कहा था कि 2016 में भारत छोड़ने से पहले उसने वित्तमंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की थी। माल्या ने वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट के बाहर पत्रकारों से कहा, ‘मेरी जेनेवा में एक बैठक प्रस्तावित थी। भारत छोड़ने से पहले मैंने वित्तमंत्री से मुलाकात की थी..बैंकों के साथ मामला निपटाने का अपना प्रस्ताव मैंने दोहराया था। यह सच है।’
माल्या इस अदालत में भारतीय अधिकारियों द्वारा दाखिल प्रत्यर्पण मामले का सामना कर रहा है। उल्लेखनीय है कि माल्या ने दो मार्च, 2016 को भारत छोड़ दिया था। उसने दावा किया कि भारत की दो बड़ी पार्टियां भाजपा और कांग्रेस उसे पसंद नहीं करती हैं। माल्या ने कहा, ‘मैं एक राजनीति फुटबॉल हूं..जहां तक मेरा सवाल है, मैंने कर्नाटक उच्च न्यायालय के समक्ष समग्र अदायगी प्रस्ताव दिया है।