यमुना के कायाकल्प पर खर्च होंगे 2500 करोड़

संजय टुटेजा/सहारा न्यूज ब्यूरो, नई दिल्ली

केन्द्र सरकार ने दिल्ली में यमुना को प्रदूषण से मुक्त कर यमुना का कायाकल्प करने की तैयारी कर ली है। केन्द्र सरकार इस योजना पर लगभग 2500 करोड़ रुपये खर्च करेगी। योजना का मूल खाका लगभग तैयार हो गया है और अब विस्तृत रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। योजना लागू होने के बाद योजना को पूरा होने में लगभग दो वर्ष का समय लगेगा।

देश में गंगा नदी को स्वच्छ करने के लिये शुरू किए गए नमामी गंगे अभियान के साथ साथ अन्य नदियों को भी स्वच्छ करने की योजना सरकार ने बनाई है। नदियों को स्वच्छ करने की योजना को स्वच्छ भारत मिशन से भी जोड़ा गया है। देश की राजधानी दिल्ली में यमुना की बद से बदतर होती हालत को लेकर केन्द्र सरकार काफी गंभीर है।

दरअसल प्रतिवर्ष लाखों विदेशी पर्यटक भी दिल्ली आते हैं, यमुना की मौजूदा तस्वीर से पर्यटकों पर भी दिल्ली की छवि को लेकर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा दिल्ली शहर के भीतर ही निरंतर प्रदूषित होती यमुना के प्रदूषण का असर दिल्ली से आगे भी यमुना की समूची यात्रा पर दिखाई पड़ता है।

यमुना में बढ़ते प्रदूषण को लेकर राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान नागपुर ने अपनी वर्ष 2005 की रिपोर्ट में ही गहरी चिंता व्यक्त कर सरकार को यह नदी बचाने की चेतावनी दी थी लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई है।

यमुना के प्रदूषण का बड़ा कारण यहां की लगभग 1600 अनाधिकृत कालोनियां, 1000 से अधिक झुग्गी बस्तियां तथा वह गांव शामिल है जिनमें सीवर लाइन नहीं है और इन क्षेत्रों का सीवर नालियों व नालों के रास्ते सीधे यमुना में जाता है। 17 बड़े नाले यमुना नदी में गिरते हैं।