मोदी जुमलेबाज थे, हैं और रहेंगे : भगवंत मान

वार्ता, चंडीगढ़

आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और सांसद भगवंत मान ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुमलेबाज थे, जुमलेबाज हैं और जुमलेबाज रहेंगे यह बात मलोट में उनकी बुधवार की रैली से एक बार फिर साबित हो गई है।
   
आप की ओर से यहां जारी बयान के अनुसार श्री मान ने कहा कि श्री मोदी के पंजाब दौरे ने किसानों और मजदूरों समेत समूचे पंजाब को निराश किया।
   
मान ने कहा कि मलोट की रैली में प्रधान मंत्री नरिन्दर मोदी का भाषण जुमलेबाजी से ज्यादा कुछ भी नहीं था। उन्होंने कहा कि हद तो यह है कि किसान कल्याण रैली में किसानी कजरें की बात तक नहीं की गई जबकि पिछले एक महीने में करीब 50 किसान और खेत-मजदूर आर्थिक तंगी के चलते कर्जे के बोझ के कारण आत्म हत्याएं कर चुके हैं।    
   
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसानों की आमदनी दोगुनी करने के जुमले छोड़ गए परंतु एमएस स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने के संबंध में एक शब्द तक नहीं बोले। श्री मान ने आरोप लगाया कि श्री मोदी ने उल्टा सफेद झूठ बोल कर गुमराह करने की कोशिश की कि इस बार फसलों के मूल्य तय करते समय सभी लागत खचरें को आधार बनाया गया। श्री मान ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस ‘झूठ’ की पोल वह संसद के अगले हफ्ते शुरू होने जा रहे अधिवेशन दौरान खोलेंगे।
   
मान ने कहा कि बादल परिवार की तरफ से अपने निजी फायदों के लिए किसानों और खेत मजदूरों के नाम पर आयोजित की गई मलोट रैली बादल परिवार की डूब रही राजनैतिक नाव को और डुबाने का काम करेगी क्योंकि पंजाब के किसानों, मजदूरों समेत सभी वगरें के मन में यह सवाल है कि क्या किसानी कर्जे और स्वामीनाथन रिपोर्ट से भागे प्रधानमंत्री को सिर्फ ‘गुमराह व जुमलेबाजी’ के कारण ही सम्मानित किया गया?

मान ने कहा कि धान के मूल्य 200 रुपए प्रति क्विंटल के वृद्धि में भी 20 रुपए प्रति क्विंटल का सीधा हेरफेर है क्योंकि पंजाब के धान की प्रचलित किस्मों के लिए यह विस्तार केवल 180 रुपए प्रति क्विंटल है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा पिछले साल दौरान डीजल-पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि, खेती यंत्रो कीटनाशकों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) बिजली और श्रम की महंगाई जैसे कितने ही कारण के चलते धान के मूल्य में यह विस्तार एक भ्रम से अधिक नहीं और पंजाब का किसान यह बात अच्छी तरह समझता है।