मोदी अपनी तीसरी महात्वाकांक्षी आयुष्मान योजना का भी छत्तीसगढ़ से करेंगे शुभारंभ

वार्ता, रायपुर

प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी गरीबों को सीधे लाभान्वित करने वाली अपनी सर्वाधिक प्राथमिकता वाली योजना और गांवों के विकास की रूबन मिशन योजना के बाद अब एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी तीसरी महात्वाकांक्षी आयुष्मान योजना के राष्ट्र व्यापी शुभारंभ के लिए भी छत्तीसगढ़ को चुना है।

मोदी डॉ भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती 14 अप्रैल से केन्द्र सरकार के शुरू रहे ग्राम स्वराज अभियान के पहले दिन ही छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित आदिवासी बाहुल बीजापुर जिले के जांगला में चालू वित्त वर्ष के बजट में गरीबों को पांच लाख रूपए तक के मुफ्त इलाज की घोषित आयुष्मान योजना का शुभारंभ करेंगे और आदिवासियों की एक बड़ी रैली को सम्बोधित करेंगे। इस सुदूर अति पिछड़े इलाके में इस योजना को शुरू करने का निर्णय राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी की इच्छा के मद्देनजर किया है।

छत्तीसगढ़ से मोदी इससे पूर्व प्रधानमंत्री आवास योजना और गांवों को भी शहरों की तरह ही विकसित करने की रूबन मिशन योजना का फरवरी 16 में राष्ट्रव्यापी शुभारंभ कर चुके है। मोदी के इस विश्वास पर खरा उतरने की छत्तीसगढ़ के सामने कड़ी चुनौती है। हाल ही में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन के बारे में जारी की गई रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ ने पहला स्थान हासिल कर एक तरह से मोदी के विश्वास पर खरा उतर कर दिखाया है।

मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह प्रधानमंत्री आवास योजना और रूबन मिशन योजना का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ करने के बाद अब आयुष्मान योजना के राष्ट्र व्यापी शुभारंभ के लिए भी मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ को चुने जाने को राज्य के प्रति उनका भावनात्मक जुड़ाव मानते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का बस्तर से विशेष लगाव है और वह इस क्षेत्र की बेहतरी के लिए खास रूचि लेते हैं।  

डॉ सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री जांगला में दल्ली राजहरा से भानुप्रतापपुर तक के रेलमार्ग का भी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए शुभारंभ करेंगे। रावघाट तक के रेलमार्ग का निर्माण तेजी से चल रहा है। रावघाट से आगे जगदलपुर तक की रेल लाईन निर्माण के लिए मोदी की उपस्थिति में उनके पिछले दंतेवाड़ा दौरे में एमओयू हुआ था। उन्होंने बताया कि जांगला में ही मोदी बीपीओ (बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग) का भी शुभारंभ करेंगे। इसमें बस्तर के युवक युवतियों को रोजगार मिलेगा।   

उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि आयुष्मान योजना के शुभारंभ के लिए छत्तीसगढ़ का चयन प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत इच्छा के साथ ही केन्द्र की योजनाओं के क्रियान्वयन में राज्य की शानदार स्थिति के कारण जहां हुआ, वहीं बीजापुर जिले का चयन नक्सल समेत तमाम चुनौतियों के बावजूद विकास के लिए तय तमाम मापदण्डों में बेहतर प्रदर्शन के कारण हुआ है। इस जिले में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) नियंत्रण योजना के तहत भी जिले में काफी बेहतर कार्य हुआ है।

उन्होंने कहा कि केन्द्र की योजनाओं के क्रियान्वयन में राज्य की स्थिति काफी अच्छी है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ का देश में पहले स्थान पर आना काफी सुखद है। उन्होंने हाल में ही सम्पन्न लोक सुराज अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि इस बार अभियान में सर्वाधिक मांग प्रधानमंत्री आवास की ही हुई। उन्होंने विश्वास जताया कि इस योजना के क्रियान्वयन में राज्य अग्रणी स्थिति में रहेगा। उन्होंने रूबन मिशन में भी राज्य में काफी अच्छा काम होने का दावा करते हुए कहा कि केन्द्र की दूसरी अहम योजना उज्ज्वला योजना में भी राज्य की उपलब्धि बेहतर रही है।

प्रधानमंत्री मेडिकल बीमा की आयुष्मान योजना छत्तीसगढ़ की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना पर आधारित है। ऐसी खबरें रही हैं कि इस योजना ने मोदी को काफी प्रभावित किया जिसमें बगैर गरीबी अमीरी या जाति के किसी बंधन के राज्य के सभी नागरिकों को 50 हजार रूपए की स्मार्ट कार्ड योजना के जरिए सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। राज्य सरकार ने इस वित्त वर्ष से वरिष्ठ नागरिकों और पत्रकारों को इस योजना में इलाज की राशि में 30 हजार रूपए का अतिरिक्त इजाफा कर दिया है। आयुष्मान योजना में इलाज की राशि को काफी बढ़ाकर पांच लाख रूपए किया गया है और इसके लाभार्थियों के बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

मोदी का प्रधानमंत्री के रूप में अगले सप्ताह होने वाला बस्तर का यह दूसरा दौरा होगा। इसके पहले उन्होंने 9 मई 15 को बस्तर के धुर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा कौ दौरा किया था और उस दौरे में 26 हजार करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात दी थी। उस समय हुए एमओयू में रावघाट जगदलपुर रेल लाईन के अलावा एक अल्ट्रा मेगा स्टील प्लांट की स्थापना करना शामिल था।

मुख्यमंत्री डॉ सिंह बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे और इस क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए सत्ता में आने के बाद से ही प्रयासरत रहे हैं। मोदी इसकी कई मंचों पर सराहना भी कर चुके हैं। उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद से इस इलाके के विकास के लिए जहां केन्द्र की मदद में काफी इजाफा हुआ है वहीं पर इलाके में शान्ति बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में केन्द्रीय बल भी राज्य को मुहैया करवाए गए हैं।  

फिलहाल मोदी के कार्यक्रम स्थल के धुर नक्सल इलाके में होने के कारण सुरक्षा एजेन्सियों ने अभी से वहां डेरा डाल दिया है। राज्य पुलिस और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के आला अफसरों के अलावा केन्द्र और राज्य की खुफिया एजेन्सियां भी सक्रिय हो गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ सिंह ने कल स्वयं कार्यक्रम स्थल का दौरा किया और वहां सुरक्षा समेत अन्य तैयारियों की जानकारी ली।