मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड: तेजस्वी का धरना, महिला प्रवक्ताओं ने राबड़ी को दी नसीहत

आईएएनएस, पटना

बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका आश्रय गृह में लडकियों के साथ यौन शोषण के मामले को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। इस मुद्दे को लेकर जहां राजद के नेता तेजस्वी यादव अन्य विपक्षी नेताओं के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर के पास शनिवार को धरने पर बैठेंगे। वहीं पटना में जनता दल (युनाइटेड) की तीन महिलाप्रवक्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नाम खुला पत्र लिखकर कई आरोप लगाते हुए दुष्कर्म के आरोपी और दागदार चरित्रवाले लोगों को पार्टी और घर से निकालने की नसीहत दी है।

जद (यू) की महिला प्रवक्ता अंजुम आरा, श्वेता विश्वास और डॉ. भारती मेहता ने राबड़ी देवी को पत्र लिखकर कहा है कि एक महिला होने के नाते आप न केवल एक महिला, लड़की का दर्द समझ सकती हैं बल्कि एक मां के कर्तव्य का भी बोध कर सकती हैं।

पत्र में आरोप लगाया गया है कि घर में सही संस्कार नहीं मिलने के कारण ही तेजस्वी और तेजप्रताप को कम उम्र में ही दिल्ली में छेड़खानी करने की कीमत चुकानी पड़ी थी।

पत्र में आरोप लगाया गया है कि दोनों भाइयों पर एक जनवरी 2008 को दिल्ली के अशोका होटल, कनॉट प्लेस और महरौली फॉर्म हाउस पर नववर्ष की पार्टियों में लड़कियों पर फब्तियां कसने और उनसे छेड़छाड़ करने के चलते अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया था।

पत्र में आरोप है कि नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी और विधायक राजबल्लभ यादव को घर में आकर लालू प्रसाद से मिलने के कारण ही तेजस्वी गलत संगति में पड़े और उनकी मानसिकता पर गहरा असर पड़ा।

पत्र में कहा गया है कि तेजस्वी ने आज इन्हीं कुसंस्कारों के कारण अपने निजी सहायक (पीए) मणि प्रकाश यादव को बना लिया है, जो अनैतिक देह व्यापार के मामले में न केवल आरोपी हैं बल्कि इसी मामले में पटना के गांधी मैदान थाना के कांड संख्या 134/2011 में जेल भी जा चुके हैं।

प्रवक्ताओं का आरोप है कि जिन्होंने खुद लड़कियों से छेड़खानी की हो उसे महिला सुरक्षा पर धरना देने का नैतिक अधिकार नहीं है।

प्रवक्ताओं ने राबड़ी देवी से पार्टी में शामिल असामाजिक तत्वों और अनैतिक कार्यों में लिप्त लोगों को पार्टी से निकालने एवं देह व्यापार में शामिल जेल यात्रा किए शख्स को अपने

घर में प्रवेश पर रोक लगाने की नसीहत दी है।