मिश्रित टीम ने बैडमिंटन में जीता स्वर्ण

वार्ता, गोल्ड कोस्ट

किदाम्बी श्रीकांत और सायना नेहवाल के कमाल के प्रदर्शन की बदौलत भारत ने पिछले दो बार के चैंपियन मलयेशिया को 3-1 से हराकर 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स की मिश्रित टीम बैडमिंटन प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक जीत लिया। विश्व की पूर्व नंबर एक खिलाड़ी सायना ने मलयेशिया की सोनिया चियाह को 21-11, 19-21, 21-9 से हराकर भारत की झोली में स्वर्ण डाल दिया।

फाइनल का पहला मैच मिश्रित युगल का था जिसमें सात्विकसेराज रैंकीरेड्डी और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने पेंग सून चान और लियू यिंग गोह को 21-14, 15-21, 21-15 से एक घंटे पांच मिनट में पराजित किया। भारत ने 1-0 की बढ़त बना ली। इसके बाद विश्व के दूसरे नंबर के खिलाड़ी किदाम्बी श्रीकांत ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए पूर्व नंबर एक ली चोंग वेई की चुनौती को 43 मिनट में 21-17, 21-14 से ध्वस्त कर भारत को 2-0 की बढ़त दिला दी।

तीसरे मैच में पुरुष मुकाबले में सात्विकसेराज और चिराग शेट्टी की टीम को लगातार गेमों में हार का सामना करना पड़ा। भारतीय जोड़ी को मलयेशिया के वी शेम गोह और वी कियोंग तान ने 38 मिनट में 21-15, 22-20 से हराकर स्कोर 2-1 कर लिया। अब भारत को जीत दिलाने की जिम्मेदारी सायना पर आ गई जिन्होंने देशवासियों को निराश नहीं किया।

सायना ने पहला गेम आसानी से 21-11 से जीता। दूसरे गेम में मुकाबला संघर्षपूर्ण रहा और गेम के मध्य में चियाह ने हाथ की चोट के कारण मेडिकल टाइमआउट लिया। मलयेशियाई खिलाड़ी ने टाइमआउट के बाद शानदार वापसी की और दूसरा गेम 21-19 से जीत लिया।

निर्णायक गेम में स्कोर 7-7 से बराबर था लेकिन इसके बाद सायना ने बढ़त बनाने का सिलसिला शुरू किया वह 21-9 पर भारत की जीत के साथ समाप्त हुआ। सायना ने यह मैच एक घंटे चार मिनट में जीता। सायना के मैच जीतते ही पूरे भारतीय खेमे ने एक दूसरे को गले लगाकर इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया। दो बार के चैंपियन मलयेशिया को रजत से संतोष करना पड़ा जबकि इंग्लैंड ने सिंगापुर को 3-0 से हराकर कांस्य जीता।