मिशनरीज ऑफ चैरिटी: सिस्टर व कर्मचारी ने कबूला गुनाह, मरांडी बोले- निष्पक्ष जांच हो

वार्ता, रांची

झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी से नवजात को बेचे जाने के मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुये आज कहा कि दोषी को सजा मिलनी चाहिए लेकिन एक या दो लोगों की गलती की सजा पूरे संस्थान को नहीं दी जा सकती।
    
पूर्व मुख्यमंत्री मरांडी पार्टी के केंद्रीय महासचिव बंधु तिर्की के साथ मिशनरीज ऑफ चैरिटी निर्मल हृदय पहुंचे और सिस्टर से मिलकर मामले पर चर्चा की। इसके बाद उन्होंने कहा कि नवजात को बेचे जाने के मामले में जो दोषी हैं उन्हें सजा जरूर मिलनी चाहिए लेकिन एक या दो लोगों की गलती की सजा पूरे संस्था को नहीं दी जा सकी।

मरांडी ने राज्य की रघुवर दास सरकार पर किसी खास समुदाय को निशाना बनाने का अरोप लगाते हुये कहा कि सरकार एक खास समुदाय को टारगेट कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को लगता है कि गड़बड़ी हुई तो मामले की निष्पक्ष जांच कराये।

वहीं, तिर्की ने कहा कि पत्थलगढ़ी की ही तरह मिशनरीज ऑफ चैरिटी को भी निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज में व्यापक बदलाव के लिए स्थापित मिशनरीज में लोगों की सेवा की जाती है और अपने इन्हीं कायरें के लिए यह प्रसिद्ध भी है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए न कि पूरे संस्था को शक की नजर से देखा जाना चाहिए।
    
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व कल राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रामेर उरांव ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी के निर्मल ह्रदय गये थे, जहां उन्होंने सिस्टर से बातचीत की थी। बाद में उन्होंने कहा था कि पुलिस को निष्पक्ष होकर मामले की जांच करनी चाहिए।
   
रांची में मिशनरीज ऑफ चैरिटी से नवजात को बेचने के मामले में आज सिस्टर कॉन्सेलिया और संस्थान की कर्मी अनीमा इंदवार को कल चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पूछताछ में सिस्टर कॉन्सेलिया ने स्वीकार किया कि उन्होंने दो शिशुओं को 50-50 हजार रुपये में, तीसरे को एक लाख 20 हजार रुपये में बेचा था। चौथे नवजात को सिमडेगा की एक दंपत्ति को बेचा गया, जिसके लिए पैसे नहीं लिये गये।