मारिन ने फिर तोड़ा सिंधु का सपना, फाइनल में हारी भारतीय खिलाड़ी, मिला रजत पदक

भाषा, नानजिंग

पीवी सिंधु को एक बार फिर बड़े टूर्नामेंट में उप विजेता बनकर संतोष करना पड़ा जब वह विश्व चैंपियनिशप के महिला एकल फाइनल में रविवार को कैरोलिना मारिन से हार गई। ओलंपिक रजत पदक विजेता सिंधु को स्पेन की ओलंपिक चैंपियन मारिन के खिलाफ 19-21 21-10 की हार के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा। मारिन ने रियो ओलंपिक 2016 के फाइनल में भी सिंधू को हराया था। पुरुष एकल में छठीं सीड जापान के केंतो मोमोता ने तीसरी सीड चीन के शी यूकी को 49 मिनट में 21-11, 21-13 से हराकर खिताब जीता।

मौजूदा सत्र में चौथा फाइनल हारने वाली सिंधु ने कहा, ‘एक बार फिर हारना बेहद निराशाजनक है। पिछली बार भी मैं फाइनल में खेली थी। यह काफी दुख है और मुझे मजबूत वापसी करनी होगी और अगले टूर्नामेंट की तैयारी करनी होगी।’

सिंधु ने कहा, ‘कभी-कभी आपका दिन नहीं होता, उतार-चढ़ाव हमेशा होते हैं और आपको हमेशा मजबूत बनना होता है।’ उन्होंने कहा, ‘थोड़ा दुखद है क्योंकि मुझे अच्छे नतीजे की उम्मीद थी लेकिन कुल मिलाकर अच्छा मैच रहा और मुझे खुशी है कि मैंने फाइनल में जगह बनाई। हार और जीत जीवन का हिस्सा हैं और हमें इसके साथ ही आगे बढ़ना होगा।’

पिछले साल ग्लास्गो में विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा के खिलाफ शिकस्त झेलने वाली 23 साल की सिंधु के पास मारिन की तेजी का कोई जवाब नहीं था जिन्होंने 45 मिनट में जीत दर्ज की। सिंधु इसके साथ ही विश्व चैंपियनशिप में चार बार पोडियम पर जगह बनाने वाली एकमात्र भारतीय खिलाड़ी बन गई। इससे पहले उन्होंने 2013 में ग्वांग्झू और 2014 में कोपेनहेगन में भी कांस्य पदक जीते थे।

मारिन विश्व चैंपियनशिप खिताब तीन बार जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनी। उन्होंने इससे पहले 2014 और 2015 में जकार्ता में विश्व खिताब जीते।

मारिन ने कहा, ‘मैं अपनी भावनाओं का इजहार नहीं कर सकती। मेरे अंदर भावनाएं उमड़ रही हैं। मैं लंबे समय से इस लम्हें का इंतजार कर रही थी।’ इस मैच से पहले सिंधु ने मारिन के खिलाफ छह मैचों में जीत दर्ज की थी जबकि पांच में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इन दोनों खिलाड़ियों के बीच जून में मलेशिया ओपन में हुए पिछले मुकाबले को सिंधु ने जीता था।