मध्य प्रदेश में भारत बंद राजनीति से प्रेरित : BJP

एजेंसियां, भोपाल

मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने सवर्ण समाज द्वारा बुलाए गए भारत बंद को राजनीतिक करार दिया है और अपरोक्ष रूप से इसके पीछे कांग्रेस का हाथ होने का भी आरोप लगाया है।

उन्होंने गुरुवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में विधानसभा चुनाव करीब है और इसी के चलते भारत बंद को राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कभी भी समाज में बटवारे करने का मकसद नहीं रहा है। वहीं कांग्रेस का इतिहास रहा है कि वह सत्ता पाने के लिए कुछ भी करने को तैयार है।

उमाशंकर ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि भाजपा हमेशा समाज और सभी वगरें के हित को ध्यान में रखकर निर्णय लेती है मगर कांग्रेस हर मामले में राजनीति करती है। भारत बंद में भी कांग्रेस का संरक्षण हासिल है।

बंद के दौरान BJP विधायक का बेटा हिरासत में

अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम में संशोधन के विरोध में आज देश भर में हो रहे बंद के दौरान मध्यप्रदेश के भिंड भारतीय जनता पार्टी विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के बेटे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि विधायक कुशवाह का बेटा पुष्पेंद्र सिंह जिले में लागू धारा 144 के दौरान अपने समर्थकों के साथ जुलूस निकालते हुए उत्पात मचाने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान उसे पुलिस हिरासत में ले लिया गया। विधायक के बेटे के साथ करीब एक दर्जन अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है।

मध्यप्रदेश में बंद शांतिपूर्ण

अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम में संशोधन के विरोध में आज बंद के आहवान के बीच मध्यप्रदेश में कुल मिलाकर शांति बनी हुई है। बंद को देखते हुए समूचे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी की गई थी। प्रदेश के बड़े हिस्से में धारा 144 लागू कर दी गई है।

राजधानी भोपाल में ज्यादातर बाजार बंद हैं और सड़कों पर भी शांति बनी हुई है। राजधानी के सभी सीबीएसई स्कूलों में आज ऐहतियातन अवकाश घोषित कर दिया गया है। सुबह सड़कों पर कार्यालयीन समय पर वाहनों की कतार देखी गई, हालांकि व्यावसायिक प्रतिष्ठान ज्यादातर स्वेच्छा से बंद रखे गए हैं। पेट्रोल पंप भी आज बंद रखे गए हैं। अब तक राजधानी के किसी भी हिस्से से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।

प्रदेश की औद्योगिक राजधानी इंदौर में भी सभी बाजार स्वेच्छा से बंद रखे गए हैं। इंदौर में भी प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है। सागर में भी बाजार बंद रखे गए हैं। यहां भी प्रशासनिक अमला अतिरिक्त सुरक्षा बल के साथ सड़कों पर तैनात है।

विदिशा से भाररतीय जनता पार्टी विधायक कल्याण सिंह ठाकुर के घर का प्रदर्शनकारियों ने घेराव किया। हालांकि प्रदर्शनकारियों की बात पर भी विधायक कुछ भी कहने से बचते रहे। जिले की सभी तहसीलों पर बाजार बंद है।

बंद के प्रति सर्वाधिक संवेदनशील भिंड, ग्वालियर, मुरैना और शिवपुरी में लगभग सभी बाजार बंद हैं। सभी स्थानों पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा है। सार्वजनिक परिवहन भी बंद हैं। लोगों ने अपनी दुकानें स्वेच्छा बंद रखी हैं। तीनों ही क्षेत्रों में दो अप्रैल को हुए बंद के दौरान फैली ¨हसा के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए हैं। अतिरिक्त सुरक्षा बल सड़कों पर तैनात है। ग्वालियर और मुरैना में कल रात पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला।

प्रदेश के आदिवासीबहुल जिले झाबुआ और अलीराजपुर में भी सवर्णों के बंद के दौरान सभी बाजार लगभग बंद हैं। करीब 85 फीसदी से ज्यादा आदिवासियों वाले इन दोनों जिलों में भी व्यवसायियों ने स्वेच्छा से बंद रखा है। दोनों ही स्थानों पर स्थितियां शांतिपूर्ण बनी हुई हैं। आदिवासी जिले शहडोल में भी बंद के दौरान स्थितियां सामान्य बनी हुई हैं।

रतलाम में भी बंद की स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है। वहीं कटनी में भी समूचे बाजार बंद है। यहां कई लोगों ने सड़कों पर उतर कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। सतना में भी बंद शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। स्कूलों में भी बच्चों की मौजूदगी बहुत कम देखी गई। शिवपुरी में भी बाजार, पेट्रोल पंप, स्कूल सभी बंद हैं। रायसेन में कई स्थानों पर लोग सड़कों पर एकत्रित हुए, लेकिन तनाव जैसी कोई स्थिति पैदा नहीं हुई।

प्रदेश के हरदा और खंडवा में आज मुख्यमंी शिवराज सिंह चौहान की जन आशीर्वाद या है। इसके मद्देनजर दोनों ही स्थानों पर बंद को देखते हुए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। आज बंद और पिछले दिनों श्री चौहान के रथ पर सीधी के चुरहट में पथराव की घटना को देखते हुए मुख्यमंी की आज की या हेलीकॉप्टर और कार से हो रही है।

बंद के मद्देनजर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कल अपील की थी कि प्रदेश शांति का टापू है और इसे किसी की नजर न लगे। चौहान ने खरगोन जिले के भीकनगांव में जन आशीर्वाद या के दौरान कहा कि मध्यप्रदेश में सब मिलकर काम करें। कोई बात है तो शांति से कहें, ताकि अपने प्रदेश की शांति व्यवस्था, कानून व्यवस्था नहीं बिगड़े। सभी समाजों को साथ में लिए आगे बढ़ते जाना है।