भारत, बेलारूस के बीच संबंध मजबूत होंगे : सुमित्रा महाजन

आईएएनएस, बेलारूस

लोकसभाध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने बुधवार को कहा कि बेलारूस के साथ भारत के पहले से ही प्रगाढ़ संबंध हैं और आगे दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक व आर्थिक रिश्तों में और मजबूती आएगी। बेलारूस के प्रधामंत्री अलेक्जेंडर लकाशेन्को से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा, "भारत और बेलारूस की मैत्री बहुत पुरानी है और दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक व आर्थिक सहयोग बढ़ाकर उसे और मजबूती प्रदान करने की जरूरत है।"

महाजन की अध्यक्षता में सांसदों का एक प्रतिनिमंडल बेलारूस, लातविया और फिनलैंड की यात्रा पर है। इस प्रतिनिधिमंडल में राजीव प्रताप रूड़ी, सुदीप बंदोपाध्याय, जयश्रीबेन पटेल, के. केशव राव, अरविंद सावंत और जी.वी. एल. नरसिम्हा राव शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में प्रयुक्त 'सुरक्षा' शब्द का अभिप्राय न सिर्फ क्षेत्रीय सुरक्षा से है बल्कि यह अन्य क्षेत्र में भी सुरक्षा का सूचक है।

लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी एक बयान में उन्होंने कहा, "भारत सरकार इस बात से भलीभांति अवगत है कि रूस के साथ हमारे रक्षा सहयोग में बेलारूस और उसका उत्पादन केंद्र शामिल है। हम आपसी हित व लाभ के क्षेत्रों में संयुक्त उपक्रम स्थापित करके अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के इच्छुक हैं।"

भारत के स्मार्ट सिटी कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए उन्होंने बेलारूस की प्रौद्योगिकी का स्वागत किया और कहा कि इससे न सिर्फ स्मार्ट परिवहन बल्कि बिजली और पानी की आपूर्ति व कचरों के निपटान को स्मार्ट बनाया जा सकता है और हरित वातावरण का निर्माण करने में यह सहायक हो सकता है।

इस मौके पर बेलारूस के राष्ट्रपति ने कहा, "दोनों देशों का अधिकांश मसलों पर समान नजरिया रहा है और अनेक मंचों पर एक दूसरे को समर्थन दिया है लेकिन वाणिज्यिक संबंध को आगे बढ़ाने की जरूरत है। आगे संयुक्त उपक्रम और परस्पर निवेश की संभावना है।"

महाजन ने लुकाशेन्को को अपनी ओर से मदद करने का भरोसा दिलाया और कहा कि वह बेलारूस की सोच से भारत सरकार को अवगत कराएंगी।