भारत ने हांगकांग को 26-0 से रौंदा, तोड़ा 86 साल पुराना रिकॉर्ड

भाषा, जकार्ता

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स के पूल बी मैच में बुधवार को हांगकांग को 26-0 से रौंदकर 86 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए अंतरराष्ट्रीय हॉकी में अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। दोनों टीमों के बीच की गहरी खाई साफ नजर आ रही थी। पिछले चैंपियन भारत ने 1932 के अपने रिकॉर्ड में सुधार किया जब महान खिलाड़ी ध्यानचंद, रूपचंद और गुरमीत सिंह की मौजूदगी में राष्ट्रीय टीम ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक में अमेरिका को 24-1 से हराया था। अंतरराष्ट्रीय हॉकी में सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के नाम दर्ज है जिसने 1994 में समोआ को 36-1 से हराया था।
भारत के दबदबे का अंदाजा इस बाद से लगाया जा सकता है कि जब मैच खत्म होने के सात मिनट बचे थे तब टीम ने गोलकीपर को मैदान से हटा लिया। मैच के भारत के 13 खिलाड़ियों ने गोल किए। भारत की ओर से रू¨पदरपाल सिंह (तीसरे, पांचवें, 30वें, 45वें और 59वें मिनट), हरमनप्रीत सिंह (29वें, 52वें, 53वें, 54वें मिनट) और आकाशदीप सिंह (दूसरे, 32वें, 35वें मिनट) ने हैट्रिक बनाई। मनप्रीत सिंह (तीसरे, 17वें मिनट), ललित उपाध्याय (17वें, 19वें मिनट), वरूण कुमार (23वें और 30वें मिनट) ने दो-दो जबकि एसवी सुनील (सातवें मिनट), विवेक सागर प्रसाद (14वें मिनट), मनदीप सिंह (21वें मिनट), अमित रोहिदास (27वें मिनट), दिलप्रीत सिंह (48वें मिनट), चिंगलेनसाना सिंह (51वें मिनट), सिमरनजीत सिंह (53वें मिनट) और सुरेंदर कुमार (55वें मिनट) ने एक-एक गोल किए।
भारत के मुख्य कोच हरेंद्र सिंह ने कहा, ‘मेरे लिए यह मायने नहीं रखता लेकिन खिलाड़ियों के लिए यह गौरवपूर्ण लम्हा है। जब इतिहास पर चर्चा होगी तो इन 18 खिलाड़ियों का नाम वहां होगा। रिकॉर्ड हमेशा खिलाड़ियों के लिए होते हैं।’ भारत ने तेज शुरुआत की और पहले पांच मिनट में ही चार गोल दाग दिए। पहले क्वार्टर के बाद भारतीय टीम 6-0 से आगे थी जब मध्यांतर तक उसकी बढ़त 14-0 हो गई। इससे पूर्व भारत ने अपने पहले पूल मैच में मेजबान इंडोनेशिया को भी 17-0 से हराया था।
कोच हरेंद्र ने कहा, ‘हमें पता था कि यह संभव है। मैंने खिलाड़ियों से कहा कि जाओ और इतिहास रच डालो। तुम्हारा नाम इतिहास मे दर्ज होना चाहिए। मेरा यह मानना है कि अगर आपको किसी को मारना है तो बेरहमी से मारना होगा।’