ब्रिटेन को सौंपे गए नीरव के प्रत्यर्पण संबंधी कागज

भाषा, लंदन

लंदन में भारतीय उच्चायोग ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण से संबंधित दस्तावेज ब्रिटेन के केंद्रीय प्राधिकरण को सौंपे हैं। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के तहत यह इकाई अब इस अनुरोध पर विचार करेगी। यह आपसी सहमति के कानूनी सहायता आग्रह के तहत आता है। यह इकाई आपराधिक जांच या प्रक्रिया में सहयोग करती है। उसके बाद ही नीरव मोदी के खिलाफ प्रत्यर्पण वारंट जारी किया जाएगा। नीरव मोदी कहा हैं यह अभी ज्ञात नहीं हैं। ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसीक्यूशन सर्विस (सीपीएस) ने जून में सूचित किया था कि इस अनिश्चितता के बावजूद वह प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।
राज्यसभा में एक लिखित जवाब में इसी सप्ताह विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने कहा था कि नीरव मोदी के प्रत्यर्पण का आग्रह लंदन में भारतीय उच्चायोग को भेजा गया है। इसे आगे ब्रिटेन के अधिकारियों को दिया जाएगा। लंदन में आधिकारिक सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की कि दस्तावेज जमा कराने के बाद प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। ब्रिटेन के प्रत्यर्पण कानून, 2003 के तहत भारत श्रेणी दो में आता है। इसमें ब्रिटेन की अदालत के अलावा देश के गृह मंत्री की मंजूरी की भी जरूरत होती है।