बिहार में भारत बंद का व्यापक असर, 678 हिरासत में

वार्ता, पटना

पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस के आहवान पर 20 विपक्षी पार्टियों के आज के भारत बंद का बिहार में व्यापक असर रहा और इस दौरान बंद समर्थकों ने जमकर उत्पात मचाये जिसके बाद पुलिस ने 678 लोगों को हिरासत में ले लिया।

राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) एस के सिंघल ने यहां बताया कि बंद के दौरान विधि-व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करने वाले प्रदर्शन कारियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गयी है। इस दौरान राज्य में कुल 678 लोगों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने बताया कि बंद के दौरान कुछ हिंसक घटनाओं की भी सूचना मिली है। पुलिस उन मामलों की जांच के बाद दोषियों को चिनित कर कार्रवाई करेगी।  

कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम), जन अधिकार पार्टी (जाप), समाजवादी पार्टी (सपा), लोकतांत्रिक जनता दल (लोजद), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्‍सवादी -लेनिनवादी (भाकपा माले) के नेताओं के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता सुबह से ही अलग-अलग जत्थे में बंद को सफल बनाने के लिये सड़क पर उतर गये थे। राजधानी पटना में राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह, प्रदेश अध्यक्ष रामचन्द्र पूव्रे और प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने बंद को सफल बनाने के लिये आयकर चौराहा से डाकबंगला तक मार्च किया ।

वहीं कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी, विधान पाषर्द प्रेमचंद्र मिश्रा, मदनमोहन झा, विधायक विजय शंकर दूबे अलग-अलग टोलियों में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ डाकबंगला चौराहा पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे पहले डाकबंगला चौराहा और स्टेशन रोड पर बंद समर्थकों ने जमकर उत्पात मचाया और कई वाहनों के शीशे तोड़ दिये। राजेन्द्र नगर टर्मिनल के निकट जाप के समर्थकों ने पूर्व मध्य रेलवे की बस के साथ ही कई अन्य वाहनों के शीशे तोड़ दिये। जाप के समर्थकों ने राजेन्द्र नगर टर्मिनल के पास ही रेल पटरी पर धरना देकर रेल यातायात को भी बाधित कर दिया।