बर्थडे स्पेशल: 64 की हुईं रेखा, बिंदास अदाओं से बनाई अपनी खास पहचान

वार्ता, मुंबई

बॉलीवुड में रेखा को एक ऐसी अभिनेत्री के तौर पर शुमार किया जाता हैं। जिन्होंने अभिनेत्रियों को फिल्मों में परंपरागत रूप से पेश किये जाने के तरीके को बदलकर अपने बिंदास अभिनय से दर्शकों के बीच अपनी खास पहचान बनाई। मद्रास में 10 अक्टूबर 1954 को जन्मी रेखा (मूल नाम भानुरेखा गणेशन) को अभिनय की कला विरासत में मिली।

उनके पिता जैमिनी गणेशन अभिनेता और मां पुष्पावली जानी-मानी फिल्म अभिनेत्री थीं। घर में फिल्मी माहौल से रेखा का रुझान फिल्मों की ओर हो गया और वह भी अभिनेत्री बनने के ख्वाब देखने लगीं। रेखा ने अपने करियर की शुरुआत बाल कलाकार के रुप में 1966 में प्रदर्शित तेलुगु फिल्म रंगुला रतनम से की।

अभिनेत्री के रूप में उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत कन्नड़ फिल्म गोदाली सी.आई.डी 1999 से की। फिल्म में उनके नायक की भूमिका सुपरस्टार डा.राजकुमार ने निभाई थी। हिंदी फिल्मों में रेखा ने अनजाना फिल्म से अपने अभिनय की शुरुआत की। इस फिल्म में अभिनेता विश्वजीत के साथ उनका चुंबन दृश्य विवाद में पड़ गया। जिसे देखते हुये फिल्म को सेंसरबोर्ड द्वारा स्वीकृत नहीं किया गया। अरसे बाद यह फिल्म दो शिकारी के नाम से प्रदर्शित हुयी। फिल्म टिकट खिड़की पर असफल साबित हुयी।

बतौर अभिनेत्री के रुप में उनके सिने कैरियर की शुरूआत 1970 में प्रदर्शित फिल्म सावन भादो से हुई। फिल्म में उनके नायक की भूमिका नवीन निश्चल ने निभाई। यह फिल्म टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुई और रेखा के अभिनय को भी सराहा गया।

इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक न जानें कितनी हिट फिल्में अलग-अलग हीरो के साथ दीं।