बंगलादेश के विदेश मंत्री ने NRC को बताया भारत की समस्या

वार्ता, ढाका

बंगलादेश के विदेश मंत्री अब्दुल हसन महमूद अली ने राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर ( एनआरसी ) को भारत की समस्या बताया है। उन्होंने भारत समेत दस देशों के पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा एनआरसी के जरिए  असम के आस-पास रह रहे अवैध बंग्लादेशियों को निर्वासित किया जाएगा जिसके कारण बंग्लादेश में चिंताएं बनी हुई हैं।

अली ने कहा दरअसल एनआरसी भारत का आंतरिक मामला है और यह भारत पर निर्भर करता है कि वह इससे कैसे निपटता है।
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से उनकी समकक्ष शेख हसीना को बंग्लादेश में किसी को भी नहीं भेजे जाने संबंधी आश्वासन पर पूछे गए एक सवाल के उत्तर में अली ने कहा कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच अच्छे द्विपक्षीय संबंध है और एनआरसी दोनों देशों के बीच कोई पेचीदा मामला नहीं है।
 
गौरतलब है कि बंगलादेशी नेताओं और मीडिया ने असम में रहने वाले अवैध बंगलादेशियों के निर्वासन की आशंकाओं के बारे में उत्पन्न एनआरसी विवाद को अधिक तूल नहीं दिया है। भारतीय नागरिकों के रूप में अपनी  जिन लोगों को अपनी प्रामाणिकता साबित करनी है उनकी संख्या लगभग 40 लाख है।

बंगलादेश के सांसदों और अधिकारियों ने  भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के उस बयान को भी ज्यादा तबज्जो नहीं दी है  जिसमें उन्होंने एक रैली में कहा था कि  अवैध बंगलादेशी ‘दीमक’की तरह है जो भारतीय अर्थव्यवस्था को खा रहे हैं।