फोटोकॉपी से ही मिल जाएगा एडमिशन

सहारा न्यूज ब्यूरो, नई दिल्ली

देश भर में छात्र छात्राओं को अब कालेज में दाखिला लेते समय अपने मूल शैक्षिक दस्तावेज जमा नहीं करने होंगे तथा दाखिला वापिस लेने पर संस्थान को छात्र की फीस लौटानी होगी। यूजीसी ने इस संबंध में बुधवार को अधिसूचना जारी की है। केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावाड़ेकर ने कहा है कि इस अधिसूचना से देश भर में छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी।
केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि अब तक इस तरह की शिकायतें आती थी कि कालेजों में दाखिले के समय छात्र के ओरिजनल शैक्षिक दस्तावेज जमा कर लिए जाने के कारण छात्र किसी दूसरे संस्थान में दाखिला नहीं ले पाता था तथा अनेक संस्थानों द्वारा दाखिला वापस लेने पर छात्र को फीस भी नहीं लौटाई जाती थी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में छात्र छात्राओं को राहत प्रदान करने के लिए यूजीसी ने अधिसूचना जारी की है जिसके अनुसार अब दाखिले के समय ओरिजनल दस्तावेज जमा नहीं करने होंगे तथा यदि किसी भी संस्थान से कोई छात्र दाखिला वापस लेता है तो संस्थान को उसकी फीस लौटानी होगी। उन्होंने कहा कि इस अधिसूचना के अनुसार उच्च शिक्षा संस्थान अब पूरे वर्ष की फीस नहीं ले सकेंगे, छात्र छात्राएं केवल प्रत्येक सेमेस्टर की फीस का भुगतान अलग-अलग करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि छात्र दाखिले की अंतिम तिथि से 15 दिन से पहले अपना दाखिला वापस लेता है तो 100 प्रतिशत फीस वापस करनी होगी और प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर की जाने वाली कटौती पांच प्रतिशत व अधिकतम 5000 से अधिक नहीं होगी। उन्होंने कहा कि दाखिले की अंतिम तिथि के 15 दिन के पहले 90 प्रतिशत फीस वापस की जाएगी तथा 15 दिन के भीतर दाखिला वापस लेने पर 80 प्रतिशत फीस वापस की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि छात्र दाखिले की अंतिम तिथि के 16 से 30 दिन बाद दाखिला वापस लेता है तो 50 प्रतिशत फीस वापस होगी तथा यदि दाखिले की अंतिम तिथि के 30 दिन बाद दाखिला वापस लिया जाता है तो कोई फीस की वापसी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जमानत राशि आदि जो भी भुगतान फीस का हिस्सा नहीं है वह शत प्रतिशत वापस किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दाखिले के समय मूल प्रमाणपत्रों का सत्यापन करने के बाद मूल प्रमाणपत्र उस समय वापस कर दिए जाएंगे, मूल प्रमाणपत्रों को कोई भी संस्थान अपने पास नहीं रखेगा।