'फायर फाइटर' बनकर तान्या ने रचा इतिहास

वार्ता, नई दिल्ली

पश्चिम बंगाल के कोलकाता की रहने वाली तानिया सान्याल बचपन से ही कुछ भी नया करने से डरती नहीं थीं। उनकी इसी सोच के कारण वह देश की पहली महिला एविएशन फायरफाइटर बनने का मुकाम हासिल करने के कगार पर हैं।

तानिया इस समय दिल्ली में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के 55 प्रशिक्षुओं के बैच में फायरफाइटर के तौर पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। इन 55 प्रशिक्षुओं में वह अकेली महिला हैं। इतना ही नहीं जून में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वह देश के हवाई अड्डों पर फायरफाइटर के रूप में काम करने वाली पहली महिला बन जायेंगी।

तानिया के करियर में अचानक आया बदलाव ही कुछ नया आजमाने की उनकी सोच को दर्शाता है। वनस्पति विज्ञान में स्नातकोत्तर की उपाधि हासिल करने के बाद बहुत कम लोग ऐसे होंगे जो फायरफाइटिंग का करियर चुनने का साहस कर सकें। इस संबंध में पूछे जाने पर 25 वर्षीय तानिया ने बताया मौका मिला और बस मैं इस करियर में आ गयी। कभी मौका मिले तो उसी में सब कुछ झोंक देना चाहिये, यही सोच बचपन से थी। कुछ नहीं करना है ऐसा कभी नहीं रहा।

उन्होंने बताया कि पिछले साल जब एएआई में जूनियर असिस्टेंट की भर्ती के लिए विज्ञापन आया तो आवेदन करते समय उन्हें नहीं पता था कि वह इस क्षेत्र में आने वाली पहली महिला होंगी।

परीक्षा और साक्षात्कार के दौरान भी उन्हें इस बात की भनक नहीं थी। लेकिन, जब वह प्रशिक्षण के लिए आयीं तो उन्हें अपनी इस उपलब्धि के बारे में पता चला।

तानिया ने बताया कि करियर का रुख अचानक बदलने के उनके फैसले पर उनके माता-पिता ने कभी उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा माँ और बाबा ने बहुत साथ दिया। बहुत बढ़िया मौका था एक महिला के रूप में कुछ कर दिखाने का। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उनके बैच के दूसरे साथियों तथा प्रशिक्षकों ने भी उनका भरपूर साथ दिया और कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि वह उनसे किसी मायने में कम हैं।

तानिया ने कहा कि शहर की दमकल सेवा से विमानन क्षेत्र की फायरफाइटिंग बिल्कुल अलग है। जव विमान ईंधन में आग लगती है तो तुरंत पूरे विमान को अपनी चपेट में ले लेती है। आपको पता होता है कि अंदर कई यात्री फँसे हुये हैं और करोडों की संपत्ति मिनटों में स्वाहा हो सकती है। दो मिनट के अंदर आपको सारे स्टेप्स करने होते हैं। यह पूछे जाने पर कि कभी प्रशिक्षण के दौरान भी उन्हें मन में डर लगा, तानिया ने कहा मन में शुरू से ही कभी कोई डर नहीं था।