प्रसाद का सवाल, क्या राहुल और माल्या मिलजुलकर काम कर रहे है?

भाषा, नयी दिल्ली

विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को सवाल किया कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और शराब कारोबारी विजय माल्या ''मिलजुलकर'' काम कर रहे हैं। प्रसाद ने दावा किया कि माल्या को पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के दौरान बैंक सुविधाओं से कथित रूप से लाभ हुआ था।        

केन्द्रीय मंत्री ने कई ट्वीट करके सवाल किया कि 2010 में नियमों के खिलाफ माल्या के ऋण का दूसरी बार पुनर्गठन क्यों किया गया।         

उन्होंने सवाल किया, ''वर्ष 2010 में नियमों के विपरीत जाकर विजय माल्या के ऋण के दूसरे पुनर्गठन की अनुमति क्यों दी गई? आरबीआई (रिजर्व बैंक) ने किसके इशारे पर एसबीआई (स्टेट बैंक) को यह पुनर्गठन करने का निर्देश दिया।''         

उन्होंने कहा कि वह समझ सकते हैं कि जब बैंकिंग प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा रहा है तो कांग्रेस असहज क्यों हो रही है।         

प्रसाद ने ट्वीट किया, ''याद रखिए वर्ष 1947 से 2008 तक 18 लाख करोड़ रुपये बैंक ऋण बांटा गया जिसे 2014 तक कांग्रेस नीत संप्रग दो के तहत बढकर 52 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया..''        

उन्होंने कहा, ''यह राहुल गांधी के लंदन दौरे के बाद हुआ। क्या विजय माल्या और राहुल गांधी मिलजुलकर काम कर रहे हैं? क्या कांग्रेस विजय माल्या को बचाने के इच्छुक है जिन्हें संप्रग सरकार के दौरान बैंक सुविधाओं का लाभ मिला।''        

उन्होंने कहा कि कांग्रेस दोनों (जेटली और माल्या) के बीच ''केवल आधे वाक्य'' की बातचीत का मुद्दा बनाने का प्रयास कर रही है।         

विधि मंत्री ने यह प्रतिक्रिया ऐसे समय दी जब कांग्रेस ने सरकार और जेटली पर इस मुद्दे पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का आरोप है कि वित्त मंत्री ने ''अपराधी के साथ सांठगांठ'' की और उसे देश से भागने दिया।