पुलिस सुधार के निर्देश

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सर्वोच्च न्यायालय ने पुलिस सुधार के लिए जो दिशा-निर्देश जारी किए हैं, उनका स्वागत किया जाना चाहिए। न्यायालय ने पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति से संबंधित कोई भी नियम या राज्य का कानून स्थगित रखने के अपने आदेश में ही कहा है कि पुलिस नियुक्तियों के बारे में कानून बनाने वाले राज्य इस आदेश में सुधार के लिए न्यायालय आ सकते हैं। वर्तमान दिशा-निर्देश में सबसे महत्त्वपूर्ण है पुलिस महानिदेशकों, पुलिस आयुक्तों की नियुक्ति। मसलन, शीर्ष अदालत ने साफ कहा है कि किसी भी पुलिस अधिकारी को कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक या पुलिस आयुक्त नियुक्त न करे।

यानी जो नियुक्त होगा वह पूर्ण होगा। इस संबंध में नियम बदल दिए गए हैं। अब राज्यों को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की सूची संघ लोक सेवा आयोग को भेजनी होगी, जिनमें वह तीन अधिकारियों की सूची तैयार कर राज्य सरकारों को भेज देगा। राज्य इनमें से ही किसी एक की नियुक्ति के लिए बाध्य होंगे। राज्यों को यह भी ध्यान रखना होगा कि उन अधिकारियों के पास पर्याप्त कार्यकाल बचे हों। वस्तुत: यह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की नियुक्तियों में राजनीतिक मनमानी या हस्तक्षेप को खत्म करने का कदम है।

यह शिकायत लंबे समय से रही है कि सरकारें अपने मनमाफिक अधिकारियों की नियुक्तियां करतीं हैं, जिनसे कानून और व्यवस्था हमेशा प्रभावित होता है। प्रकाश सिंह मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने 2006 में पुलिस सुधारों पर विस्तृत निर्णय दिया था। दुर्भाग्य से वह आज तक लागू नहीं हो सका है। इसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को कम-से-कम दो वर्ष का कार्यकाल देने का भी निर्देश था। केंद्र सरकार ने इसमें संशोधन के लिए एक याचिका न्यायालय में डाला हुआ है। इसमें पुलिस महानिदेशकों का कम-से-कम दो साल का कार्यकाल सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने जैसा न्यायायल का निर्देश भी शामिल था।

वास्तव में उच्चतम न्यायालय के पूर्व फैसले का मूल उद्देश्य पुलिस प्रणाली को समय के अनुरूप स्वायत्त, निष्पक्ष और कार्यक्षम बनाना था। किंतु राजनीति को वह फैसला नहीं सुहाया था। उसमें एक मॉडल प्रारूप भी बना था। उस पर तो किसी राज्य ने विचार तक नहीं किया। सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देश के बावजूद राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश उन्हें तत्काल लागू कर देंगी ऐसा नहीं लगता। देखना है कौन-कौन राज्य सरकार पुनर्विचार याचिकाएं लेकर न्यायालय पहुंचतीं हैं। किंतु न्यायालय अपने निर्णय में अब कोई बदलाव करेगा ऐसा लगता नहीं।