पाक सरकार की चीन के क्षेत्र-सड़क समझौते पर फिर से बातचीत की योजना

भाषा, इस्लामाबाद

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की अगुवाई वाली सरकार चीन की महत्वकांक्षी एक क्षेत्र सड़क (बेल्ट एवं रोड) पहल के तहत पूर्व में हुए समझौतों पर फिर से बातचीत की योजना बना रही है। इसका कारण नई सरकार का मानना है कि यह समझौता अनुचित रूप से चीनी कंपनियों के पक्ष में है।        

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में यह कहा गया है। परियोजना अरबों डालर की चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) योजना से जुड़ी है। इसमें एशिया और यूरोप को पुराने रेशम मार्क से जोड़ने की योजना है।         

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ सरकार के मंत्री तथा सलाहकारों का कहना है कि समझौते से चीनी कंपनियों को अनुचित रूप से लाभ हुआ है।        

सीपीईसी की शुरूआत 2015 में हुई। इसमें सड़क, रेलवे और ऊर्जा परियोजनाओं को चीन के संसाधन समृद्ध शिनजिआंग उगुर स्वायत्त क्षेत्र को पाकिस्तान के अरब सागर में स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ग्वादर बंदरगाह को जोड़ने की योजना है।          

उल्लेखनीय है कि पूर्व में प्रधानमंत्री खान ने सीपीईसी परियोजनाओं में पारदर्शिता का अभाव तथा भ्रष्टाचार को लेकर जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की आलोचना की थी।         
उन्होंने मौजूदा सीपीईसी अनुबंधों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने का संकल्प जताया है जो गोपनीय रखा गया है।        

खान के वाणिज्य, परिधान, उद्योग एवं उत्पादन तथा निवेश मामलों के सलाहकार अब्दुल रज्जाक दाऊद के हवाले ब्रिटेन के अखबार में लिखा गया है, ''पूर्व सरकार ने सीपीईसी के मामले में चीन के साथ बातचीत में अच्छा काम नहीं किया। उन्होंने अपना होमवर्क ठीक से नहीं किया और बेहतर तरीके से वार्ता नहीं की जिससे उन्हें काफी लाभ मिला।''