नशे के सौदागर

वार्ता, चंडीगढ़

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर नशा तस्करों को पहला अपराध साबित होने पर ही मौत की सजा का प्रावधान करने के लिए कानून में संशोधन करने का अनुरोध किया है।
 
पंजाब में पिछले कुछ समय से नशे के ओवरडोज से हो रही मौतों की घटनाओं पर मचे बवाल के बाद मंत्रिमंडल ने हाल में इस आशय का निर्णय लिया था कि केंद्र से सिफारिश की जाएगी कि नशा तस्करों को मौत की सजा दी जाए।
 
मुख्यमंत्री ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर एनडीपीएस अधिनियम में संशोधन करने की मांग की है।
 
पंजाब सरकार की यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री ने लिखा है कि समस्या के विकराल रूप को देखते हुए, जिसकी पिछले कई सालों से अनदेखी की गई थी, जरूरी है कि कानूनी शिकंजे को और कसा जाए और इस दिशा में अपराधियों को रोकने के लिए कड़ी से कड़ी सजा के प्रावधान करने हेतु वर्तमान कानूनों में संशोधन किया जाए।
 
कैप्टन ने पत्र में दावा किया है कि पिछले साल उनकी सरकार के किये प्रयासों के नतीजतन 18977 नशा विक्रेताओं की गिरफ्तारी हुई है तथा करीब दो लाख नशा पीड़ितो का उपचार किया गया है। एनडीपीएस के तहत सजा पाए 3977 लोग तथा 5610 विचाराधीन कैदी जेलों में हैं। इसके अलावा सरकार ने विशेष जागरूकता अभियान ड्रग एबयूस प्रिवेंशन ऑफीसर्स भी शुरू किया है जिसका उद्देश्य नशा सेवन से मुक्ति में सिविल सोसयटी की हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है।
 
पा में मुख्यमंत्री ने लिखा है कि वर्तमान एनडीपीएस कानून में कुछ अपराधों के लिए मौत की सजा का प्रावधान है पर यदि यह अपराध दूसरी बार किया गया हो।
 
सिंह ने लिखा है कि पहले अपराध के लिए ही मौत की सजा के प्रावधान से पंजाब ही नहीं देश भर में नशा विक्रेताओं और माफिया पर अंकुश में मदद मिलेगी।
 
मुख्यमंत्री के अनुसार नशा युवाओं को तबाह कर रहा है। उन्होंने गृह मंत्री से पंजाब सरकार के प्रस्ताव पर विचार कर युवाओं और समाज को नशे के खतरे से मुक्ति दिलाने के लिए एनडीपीएस एक्ट में संशोधन के लिए संबद्ध अधिकारियों को निर्देश देने का अनुरोध किया।