नये कानून के तहत अदालत में माल्या की पेशी की तारीख कल

भाषा, मुम्बई

हाल ही में बने ''भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून'' के तहत भगोड़ा कारोबारी विजय माल्या की कल यहां एक विशेष अदालत में पेशी सूचीबद्ध की गई है। नये कानून के तहत किसी भगोड़े आरोपी के तहत शुरू की गई यह पहली कार्रवाई है।        

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह तो पक्का है कि माल्या पेश नहीं होगा क्योंकि वह लंदन में भारत द्वारा प्रत्यर्पण के लिए दायर किया गया एक मुकदमा लड़ रहा है। लेकिन उम्मीद है कि उसका अधिकृत कानूनी प्रतिनिधि इस नोटिस पर विशेष पीएमएलए न्यायाधीश एम एस आजमी की अदालत उसकी ओर से अधिकृत जवाब पेश करे।     

इसी अदालत ने 30 जून को माल्या को यह नोटिस जारी किया था कि वह 27 अगस्त को पेश हो क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शराब कारोबारी को नये कानून के तहत आरोपित किया था। साथ ही, 9,000 करोड़ रुपये की कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में उसके और अन्य के खिलाफ धनशोधन जांच का विस्तार किया।

इस केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपनी नवीनतम कार्रवाई के तहत माल्या की 12,500 करोड़ रुपये की संपत्ति तत्काल जब्त करने की भी मांग की थी।     

सूत्रों के अनुसार भगोड़ा आर्थिक अपराध कानून के तहत कानूनी कार्रवाई के रूप में अगला कदम पूरी तरह अदालत के फैसले पर निर्भर करता है।     

सूत्रों ने पहले संकेत दिया था कि यदि माल्या अदालत में पेश नहीं होता है तो उसकी संपत्ति जब्त किये जाने के आदेश जारी होने के अलावा उस पर भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिये जाने का भी खतरा मंडरा रहा है।     

इसी अदालत ने ईडी के दो अन्य मामलों में इस कारोबारी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।     

अधिकारियों ने नये कानून के तहत अर्जी लगाते हुए अदालत को बताया था कि माल्या और उसके किंगफिशर एयरलाइंस (जो अब अस्तित्व में नहीं है) एवं अन्य ने विभिन्न बैंकों से ऋण लिया था और फिलहाल उसके खिलाफ ब्याज समेत 9990.07 करोड़ रुपये बकाया है।       

ईडी और सीबीआई ने उसके खिलाफ कथित ऋण अदायगी उल्लंघन मामले दर्ज किये हैं।     

नये कानून के तहत मामला लंबित रहने के दौरान आरोपी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरु की जा सकती है। उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जा सकता है और उसकी संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं।