धरने पर सरकार

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने तीन मंत्रियों के साथ उप राज्यपाल अनिल बैजल के घर पर धरना दे रहे हैं। केजरीवाल शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन और श्रम मंत्री गोपाल राय के साथ उप राज्यपाल को ज्ञापन देने सोमवार को पहुंचे थे। उनका आरोप है कि उप राज्यपाल ने किसी प्रकार का वचन नहीं दिया, इसलिए उनके पास धरना देने के अलावा कोई चारा नहीं है। उनकी तीन मांगे हैं-अधिकारियों की हड़ताल सदृश स्थिति का अंत कराए, अधिकारी नहीं मानें तो एस्मा लागू कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए एवं घर-घर राशन पहुंचाने की योजना की फाइल पर आदेश दिया जाए।

सत्येन्द्र जैन ने अनशन आरंभ कर दिया है। यह सच है कि केजरीवाल सरकार और अधिकारियों के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण रिश्ते हैं। मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री के घर पर बैठक के दौरान जब से पिटाई का आरोप लगाया तब से सिविल सेवा के अधिकारी सरकार से नाराज हैं। किंतु उनका कहना है कि वे हड़ताल पर नहीं हैं। यह बात समझ से परे है कि उप राज्यपाल सरकार के साथ जानबूझकर असहयोग क्यों करेंगे जैसा मुख्यमंत्री आरोप लगा रहे हैं। केजरीवाल का लंबे समय से आरोप रहा है कि प्रधानमंत्री के इशारे पर उप राज्यपाल, अधिकारी सब सरकार को बदनाम करने के लिए काम कर रहे हैं।

देश के कई राज्यों में गैर भाजपा सरकारें हैं लेकिन वे इस तरह का आरोप नहीं लगाते। दूसरे, केंद्र शासित प्रदेशों में भी मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों ने इस तरह आरोप लगाते हुए धरना-प्रदर्शन नहीं किया है। वास्तव में केजरीवाल एवं उनके साथियों को यह समझना होगा कि सरकार को संतुलन बनाते हुए काम करना होता है। पहले इस तरह की स्थिति कभी पैदा नहीं हुई। उप राज्यपाल मुख्यमंत्री और मंत्री अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ तालमेल स्थापित करने की सलाह दे रहे हैं। मुख्य सचिव मारपीट मामले को सुलझाने की उपराज्यपाल द्वारा कई बार कोशिशें हुई हैं।

उप राज्यपाल धरना को बेवजह कह रहे हैं और मुख्यमंत्री एवं मंत्री वहां से हटने को तैयार नहीं हैं। आम आदमी पार्टी के विधायक, नेता एवं कार्यकर्ता भी उप राज्यपाल के घर से थोड़ी दूरी पर जमा हैं। भाजपा इनके खिलाफ धरना कर रही है। इस स्थिति का अंत हर हाल में होना चाहिए। केजरीवाल एवं उनके साथी यह समझें कि सरकार धरना और भूख हड़ताल के लिए नहीं बल्कि काम करने के लिए है। उनको तय स्थितियों में रहकर ही सबके साथ संवाद और सहकार का स्वभाव अपनाना होगा।