दोषी कब पकड़े जाएंगे ?

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केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई की परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र बाहर आने की घटना के दोषियों को शीघ्र पकड़ा जाए ऐसा पूरा देश चाहता है। केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आश्वस्त किया है कि दोषी पकड़े जाएंगे।

प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप और मंत्री की सक्रियता के कारण यह उम्मीद भी है कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा द्वारा गठित विशेष जांच दल इस मामले में सफल होगा। हालांकि जितनी सूचना बाहर आ रही है, उसके अनुसार कम से कम तीन दर्जन लोगों से पूछताछ हुई है, कुछ छापे भी मारे गए हैं, लेकिन पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।

वैसे भी किसी ने किसी पर आरोप लगा दिया तो उसके खिलाफ छानबीन होगी। लेकिन आवश्यक नहीं कि वह उसमें संलिप्त ही हो। जिस कोचिंग सेंटर के बारे में किसी ने सीबीएसई को गुप्त सूचना दी थी, उसे भी पूछताछ के बाद अभी छोड़ा गया है। पूछताछ किए जाने वालों में एक बड़ी संख्या वैसे लोगों की है, जिनके ह्वाट्सऐप पर प्रश्न पत्र आए थे।

आपके मोबाइल पर प्रश्न पत्र आ गया तो आप केवल यह जान सकते हैं कि यह संदेश किसका है, लेकिन जिसने संदेश भेजा उसे भी किसी और ने भेजा हो। हां, इस दिशा में धीरे-धीरे उस मोबाइल तक पहुंचा जा सकता है, जहां से यह संदेश चला था किंतु यह भी संभव है कि वह शख्स शामिल नहीं हो। प्रश्न पत्र मिल जाने के बाद उसने इसलिए व्हाट्सऐप पर भेजा हो ताकि यह खबर फैल जाए।

जो भी हो इसके लिए कोई या कुछ लोग तो दोषी हैं किंतु प्रश्न निर्धारित करने से लेकर सेंटर तक जाने तक की प्रक्रिया के किसी व्यक्ति के शामिल हुए बगैर यह संभव नहीं हो सकता। देश भर में प्रश्न पत्र बाहर आ जाने के खिलाफ क्षोभ है, और छात्र सड़कों पर हैं। हमारा मानना है कि पुलिस को स्वतंत्र होकर काम करने दिया जाए। दिल्ली पुलिस केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है, इसलिए केंद्र सरकार के सिर ही इसकी पूरी जिम्मेवारी होगी।

यह नहीं होना चाहिए कि असली अपराधी या अपराधियों के न मिलने पर किसी को बलि का बकरा बना दिया जाए। जो असली अपराधी हैं, वे हर हाल में पकड़े जाने चाहिए ताकि इसका संजाल टूटे। जावड़ेकर ने कहा है कि परीक्षा प्रणाली में बदलाव की जरूरत होगी तो वह भी किया जाएगा। वास्तव में पूरी प्रणाली की एक बार समग्र समीक्षा हो और जहां भी त्रुटि दिखे उसे दूर किया जाए।