देवरिया बालिका गृह मामले के आरोपियों पर होगी कठोर कार्रवाई : रीता

वार्ता, लखनऊ

उत्तर प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा है कि देवरिया में कथित मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान द्वारा संचालित बालिका गृह के मामले में सरकार ने कड़ा रूख अपनाते हुये जिलाधिकारी तथा जिला परियोजना अधिकारी (डीपीओ) को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।
       
श्रीमती बहुगुणा ने सोमवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि देवरिया की घटना के मामले में सरकार गंभीर है। इस मामले के आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी। सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुये जिलाधिकारी सुजीत कुमार तथा डीपीओ अभिषेक पाण्डेय को हटा दिया है। जिलाधिकारी से लगातार शिकायतें हो रही थी लेकिन उन्होंने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
       
उन्होंने कहा कि इस मामले में अभिषेक पांडेय की बड़ी जिम्मेदारी थी लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। मामले की जांच के लिये दो अधिकारियों महिला कल्याण की प्रमुख सचिव रेणुका कुमार और एडीजी अंजू को हेलीकाप्टर से देवरिया रवाना कर दिया गया है।
       
श्रीमती बहुगुणा ने कहा कि कथित मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान द्वारा संचालित बाल गृह बालिका, बाल गृह शिशु और सुधार गृह में रहने वाले सभी बच्चों से एक-एक करके बात की जायेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों को बालिका तथा महिला आरक्षण गृहों के निरीक्षण किये जाने के आदेश दिये थे, लेकिन देवरिया के जिलाधिकारी ने इस मामले में कोई कार्रवाई नही की।
       
उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी को फिर से निर्देश दिये गये हैं कि 12 घंटे में बालिका गृहों की जांच करके रिपोर्ट दें। इस मामले में डीपीओ का अतिरिक्त प्रभार संभाले अनूप सिंह और नीरज कुमार की भी जांच होगी।

मंत्री ने कहा कि बालिका गृह का 2017 में लाइसेंस खत्म हो गया था। जिलाधिकारी के पास बालिका गृह के आंकड़े मौजूद नहीं हैं। संचालिका ने गुमराह किया इस मामले में अदालत ने कोई स्टे नहीं दिया है।
     
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की देवरिया पुलिस ने रविवार देर रात कोतवाली सदर क्षेा स्थित एक कथित बालिका गृह से सेक्स रैकेट का खुलासा करते हुए वहां से 24 महिलाओं और कुछ बच्चों को मुक्त कराया था। सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान द्वारा संचालित बाल गृह बालिका, बाल गृह शिशु और सुधार गृह की मान्यता पर शासन ने रोक लगा दिया था।
      
इसके बाद भी संस्था में बालिकाओं, शिशुओं तथा महिलाओं को अवैध रूप से रखा जाता था। रविवार शाम बेतिया बिहार की एक बालिका बालिका गृह से भाग निकली जिसने पुलिस को आपबीती बताई। उसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की।
       
शुरुआती जांच में पता चला है कि यहां रह रहीं 15 से 18 साल की लड़कियों से अवैध धंधा कराया जा रहा है। इस बात के सामने आने पर पुलिस ने मौके से 24 महिलाओं और बच्चों को मुक्त कराया है। संस्था को सील कराकर संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, उसके पति मोहना त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया गया है। संस्था की अधीक्षिका कंचनलता फरार है। इस सिलसिले में गम्भीर दफाओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
       
इस कथित संस्था में 42 महिलाएं और बच्चों के रहने की सूचना है जिसमें 18 बच्चे, महिलाएं और बालिकायें लापता बताई जा रही हैं।