दिल्ली में अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए MLA फंड हुआ ढाई गुना

सहारा न्यूज ब्यूरो, नई दिल्ली

राजधानी के विधायक अब अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के विकास पर 10 करोड़ रुपए सालाना तक खर्च कर सकेंगे। अभी तक यह राशि केवल 4 करोड़ रुपए थी। यह जानकारी विधानसभा में उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दी। इसी के साथ केजरीवाल की कैबिनेट ने विदेशी भाषा समेत कुल 15 भाषाओं की अकेडमी खोलने का निर्णय लिया है। सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष से ही यह बढ़ी हुई राशि विधायकों को देने का निर्णय लिया है।

केजरीवाल सरकार की कैबिनेट ने दिल्ली के विधायकों को अपने क्षेत्र के विकास के लिए मिलने वाली राशि को सालाना चार करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए करने के प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी। कैबिनेट की बैठक में हुए इन निर्णयों की जानकारी मनीष सिसोदिया ने दी। सिसोदिया के इस बयान का विधायकों ने मेज थपथपाकर स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि विधायकों की भावनाओं का ध्यान रखा गया है। अधिकांश विधायक यह राशि बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इसी के साथ सिसोदिया ने कहा कि कैबिनेट ने राष्ट्रीय राजधानी में कई भारतीय भाषाओं जैसे तेलुगू, कश्मीरी, मलयालम, गुजराती, उड़िया, कन्नड़ मारवाड़ी, बंगला समेत 15 अकेडमी खोलने का निर्णय लिया है।

सिसोदिया ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी होने की वजह से यहां अंग्रेजी भाषा का विशेष प्रभाव रहता है। इसको देखते हुए एक विदेशी भाषा अकेडमी भी खोलने का निर्णय लिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने बताया कि विधायकों की राशि बढ़ाने का निर्णय इसी वित्त वर्ष से लागू माना जाएगा।

महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने बताया कि कैबिनेट में निर्णय लिया गया है कि दिल्ली सरकार ऐसे यतीम बच्चों के लिए योजना बनाएगी, जिनके अभिभावक नहीं हैं और उनकी परवरिश उनके नाना-नानी या फिर अन्य रिश्तेदार कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अब दिव्यांगों को 60 साल के बाद भी पेंशन मिलती रहेगी।