..तो बदलेगी सूरत

,

 

ने कहा है, आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम दुष्कर्म के खिलाफ निवारक के रूप में कार्य करेगा। यह बालिकाओं व महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध पर लगाम लगाने में प्रभावी भूमिका निभाएगा। यह अधिनियम कुछ दिन पहले ही पारित हुआ है।
 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है, आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम दुष्कर्म के खिलाफ निवारक के रूप में कार्य करेगा। यह बालिकाओं व महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध पर लगाम लगाने में प्रभावी भूमिका निभाएगा। यह अधिनियम कुछ दिन पहले ही पारित हुआ है।

मोदी रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, कोई भी सभ्य समाज महिलाओं के प्रति किसी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी कहा कि मुसलमान महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए तीन तलाक संबंधी विधेयक को संसद से मंजूरी दिलाने को प्रयासरत हैं। उन्होंने अपने संबोधन में इंडोनेशिया में चल रहे एशियाई खेल 2018 में पदक विजेता बेटियों व युवाओं को देश का मान बढ़ाने पर बधाई भी दी। मोदी ने कहा, ये बहुत अच्छे संकेत हैं। पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में अधिकतर छोटे कस्बों या गांवों के रहने वाले हैं।

जिन्होंने कठिन मेहनत से सफलता हासिल की है। प्रधानमंत्री का यह साप्ताहिक कार्यक्रम ग्रामीण भारत व छोटे कस्बों में बहुत पॉपुलर है, जिसके जरिए, लोग अपने सवालों के जवाब सीधा अपने चुने हुए प्रधानमंत्री से सुनने को उतावले रहते हैं। महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर सरकार का चिंतित होना लाजिमी है। खासकर नन्हीं बच्चियों पर होने वाली यौन हिंसा की वारदात ने सरकार को चेतावनी दी है। कड़े कानूनों की जरूरत और अविलंब मिलने वाला न्याय ही पीड़ित व उसके परिवार का सहारा होता है। देश का विकास तभी चहुंमुखी कहा सकता है, जबकि उसकी महिलाएं और बच्चियां सुरक्षित हों।

हालांकि अपने समाज में इस तरह के संवेदनशील मसले पर देश के दिग्गज कम ही विचार रखते हैं। लेकिन मोदी ने जिस तरह परंपराओं से इतर कामकाज का सलीका पेश किया है, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि वास्तव में स्त्री के खिलाफ जारी हिंसा को लेकर वह चौकन्ने हैं। तीन तलाक को भी वह उसी गंभीरता से ले रहे हैं।

उनको अहसास है कि मुस्लिम महिलाओं के प्रति इसे हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जाता रहा है। यौन हिंसा का खौफ व सामाजिक दबाव के बावजूद खेल में लड़कियों का प्रदर्शन संकेत देता है कि थोड़ी सी सहूलियत व सुरक्षा उन्हें बेहतरीन नतीजे देने में सहयोगी हो सकती है और आने वाले सालों में हालात महिलाओं के पक्ष में नजर आने लगें।