तोगड़िया ने तोड़ा विहिप से नाता, विष्णु सदाशिव कोकजे बने नए अध्यक्ष

सहारा न्यूज ब्यूरो, नई दिल्ली

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया के युग का शनिवार को अंत हो गया। विहिप के इतिहास में पहली बार हुए चुनाव में तोगड़िया गुट को करारी शिकस्त मिली और पूर्व राज्यपाल व पूर्व न्यायाधीश विष्णु सदाशिव कोकजे को नया अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया।

कोकजे के आलोक जी को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। इसके साथ ही तोगड़िया ने विहिप छोड़ने की घोषणा करते हुए 17 अप्रैल से आमरण अनशन करने की घोषणा कर दी है।

प्रवीण तोगड़िया से छत्तीस का आंकड़ा रखने वाले महासचिव चंपत राय को भी किनारे लगाते हुए उपाध्यक्ष बना दिया गया। अशोक सिंघल के देहांत के बाद प्रवीण तोगड़िया ही विहिप का चेहरा बने हुए थे। कट्टर हिंदूवादी होने के साथ-साथ वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भी कट्टर विरोधी हैं।

पिछले कुछ समय से वह लगातार मोदी पर प्रहार कर रहे थे और उन्हें हिंदू और राम मंदिर विरोधी बता रहे थे। परिषद में कुछ समय से तोगड़िया को हटाने की मुहिम चल रही थी।
पिछले लगभग 15 दिन पहले जब नए अध्यक्ष के चुनाव की बात हुई तो तोगड़िया विरोधी गुट उन्हें एक और कार्यकाल देने के बजाय चुनाव कराने पर अड़ गया।

आरएसएस ने कोशिश की थी कि सर्वसम्मति से नया अध्यक्ष चुन लिया जाए और चुनाव की नौबत ही न आए, लेकिन दोनों गुटों के अड़े रहने के कारण अंतत: शनिवार को मतदान हो गया और इसमें प्रवीण तोगड़िया को करारी शिकस्त मिली।

विहिप की नई टीम
जस्टिस विष्णु सदाशिव कोकजे-अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष, आलोक कुमार एडवोकेट-अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, अशोक राव चौगुले - विदेश विभाग के कार्याध्यक्ष, मिलिंद परांडे- महामंत्री, विनायक राव देशपांडे-संगठन महामंत्री, चंपत राय-उपाध्यक्ष, कोटेर राव-संयुक्त महामंत्री, डॉ सुरेंद्र जैन-संयुक्त महामंत्री।