डिजिटल टेक्नोलॉजी से आम आदमी का जीवन हुआ सरल

सहारा न्यूज ब्यूरो, नोएडा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन के साथ आज उत्तर प्रदेश के नोएडा में कोरियाई कंपनी सैमसंग के सबसे बड़े संयंत्र का उद्घाटन करते हुए कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी लोगों के जीवन को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसके कारण सेवाओं की उपलब्धता तेज तथा पारदर्शी हुई है।

मोदी ने यहां सेक्टर-81 में सैमसंग के स्मार्टफोन विनिर्माण के विस्तारित संयंत्र के उद्घाटन के मौके पर कहा कि देश में लगभग 40 करोड़ स्मार्टफोन उपयोग में हैं, 32 करोड़ लोग ब्रॉडबैंड का इस्तेमाल कर रहे हैं, बहुत कम दर पर इंटरनेट डाटा उपलब्ध है। देश की एक लाख से अधिक ग्राम पंचायतों तक फाइबर नेटवर्क पहुंच चुका है। ये सारी बातें देश में हो रही डिजिटल क्रांति का संकेत हैं।

मोदी ने कहा कि यह संयंत्र देश के नागरिकों के सशक्तीकरण में योगदान तो देगा ही ‘मेक इन इंडिया’ की मुहिम को गति भी देगा। यह निवेश न सिर्फ सैमसंग के भारत में व्यापारिक रिश्तों को मजबूत बनाएगा, बल्कि भारत और दक्षिण कोरिया के संबंधों के लिए भी अहम सिद्ध होगा।

कोरिया की प्रौद्योगिकी और भारत के विनिर्माण और सॉफ्टवेयर सपोर्ट से दुनिया के लिए हम बेहतरीन उत्पाद तैयार करेंगे। यही हम दोनों देशों की ताकत है और यही हमारा साझा विजन है।

पीएम के भाषण की खास बातें

-    देश में लगभग 40 करोड़ स्मार्टफोन उपयोग में
-    32 करोड़ लोग कर रहे ब्रॉडबैंड का इस्तेमाल
-    बहुत कम दर पर इंटरनेट डाटा उपलब्ध
-    एक लाख से अधिक ग्राम पंचायतों तक फाइबर नेटवर्क पहुंचा
-    ये सारी बातें देश में हो रही डिजिटल क्रांति का संकेत
-    देश में मोबाइल विनिर्माण में चार लाख से अधिक नौजवानों को सीधा रोजगार मिला
-    इस नए संयंत्र में एक हजार और नौजवानों को रोजगार मिलेगा
-    मोबाइल फोन विनिर्माण में भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर पहुंचा
-    बीते चार वर्षों में मोबाइल संयंत्रों की संख्या दो से बढ़कर 120 हुई जिसमें से 50 से अधिक नोएडा में ही
-    निरंतर बढ़ रहा डिजिटल प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल
-    भीम ऐप और रूपे कार्ड से लेन-देन बेहद आसान हुआ
-    गत जून महीने में ही लगभग 41 हजार करोड़ रुपए का लेनदेन भीम ऐप से हुआ
-    बिजली-पानी का बिल भरना हो, स्कूल-कॉलेज में दाखिला लेना हो, भविष्य निधि हो या पेंशन; लगभग हर सुविधा मिल रही ऑनलाइन
-    लगभग तीन लाख साझा सेवा केंद्र ग्रामीण आबादी की सेवा में कर रहे काम