टिहरी में भूस्खलन, परिवार के सात लोग जिंदा दफन

सहारा न्यूज ब्यूरो, घनसाली

बालगंगा उपतहसील की पट्टी थाती कठूड़ के ग्राम पंचायत कोट में बीती रात्रि करीबन तीन बजे अचानक गांव के ऊपर हुए भूस्खलन की चपेट में तीन भाइयों का संयुक्त आवासीय भवन जमींदोज हो गया। नतीजतन उसमें रह रहे सात लोग मलबे में जिंदा दफन हो गये जबकि एक बच्ची को ग्रामीणों द्वारा सकुशल बचा लिया गया।
भूस्खलन इतना भीषण था कि उस मकान का कोई अवशेष नजर नहीं आ रहा है। रात्रि को ही ग्रामीणों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया था। मौके पर पंहुची पुलिस प्रशासन की टीम ने भी राहत बचाव कार्य में हाथ बंटाया। खबर लिखे जाने तक सभी सात लोगों के शव मलबे से निकाल लिये गये थे। लगातार हो रही बारिश से कोट गांव के ठीक ऊपर अचानक भूस्खलन होने से एक भवन पूरी तरह से जमींदोज हो गया जबकि गांव के कुछ अन्य भवन भी भूस्खलन की जद में हैं। एहतियात के तौर पर वहां से कुछ परिवारों को हटा दिया गया है।
घटनाक्रम के अनुसार बालगंगा तहसील के थाती कठुड़ पट्टी के अंतर्गत ग्राम पंचायत कोट में बुधवार लगभग चार बजे सुबह जब लोग भारी बारिश के दौरान गहरी नींद में थे तो गांव के ठीक ऊपर भूस्खलन से तीन भाइयों का छह कमरों का संयुक्त आवासीय भवन मलबे में दबकर ध्वस्त हो गया जिसमें रह रहे मोर सिंह (32) पुत्र उमा सिंह, हंसादेई (28) पत्नी मोर सिंह, आशीष (11) पुत्र मोर सिंह, संजूदेई (24) पत्नी हुकम सिंह, अतुल (8) पुत्र हुकम सिंह, लक्ष्मीदेवी (24) पत्नी राकेश और स्वाति पुत्री राकेश की मलबे में दब कर मौत हो गई। जैसे ही गांव वालों ने भूस्खलन की आवाज सुनी तो देखा भूस्खलन वाले क्षेत्र में मकान का कोई अता-पता नहीं था और लोग पीड़ित परिवार के बचाव एवं राहत कायरें में जुट गये। इसी दौरान मलबे में 13 वर्षीय कु. बबली पुत्री मोर सिंह को ग्रामीणों ने मलबे से निकालकर बचा लिया लेकिन अन्य लोगों के मलबे मे दबे होने के कारण काफी देर तक पता नहीं चल पाया। ग्रामीणों द्वारा बचाव कार्य शुरू भी किया गया लेकिन भारी मलबे के कारण कई घंटों तक अन्य सदस्यों को पता नहीं चल पाया। घटना की सूचना तुरंत प्रशासन को दी गयी। उसके बाद जिला मुख्यालय एवं तहसील से बचाव एवं राहत दल गांव पहुंचा लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और इस परिवार के अन्य सदस्य भारी मलबे के नीचे दफन थे।
इस घटना की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र मे शोक की लहर फैल गई। मोटर मार्ग जगह-जगह बन्द होने के कारण राहत बचाव कार्य भी सुबह देर से शुरू हो पाया। मौके पर पंहुची पुलिस प्रशासन की टीम राहत बचाव कार्य मे जुटी है। राहत व बचाव टीम द्वारा दिन तक छह लोगों के शव मलबे से निकाल लिये गये थे। शाम को मोरसिंह की पत्नी हंसदेई का शव भी मलबे से निकाल लिया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वस्थ्य विभाग की टीम ने सभी शवों का पीएम घटनास्थल पर ही किया गया।
दूसरी ओर गांव के अन्य मकान जो खतरे की जद मे हैं, जिलाधिकारी ने प्रधान से उनकी सूची मंगवा कर उन्हें गांव के पंचायत भवन, स्कूल व अन्य लोगों के घरों मे रहने की व्यवस्था करने के निर्देश उपजिलाधिकरी एवं तहसीलदार को दिये हैं।

राज्यपाल व सीएम ने शोक जताया
मुम्बई/देहरादून। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य और मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने टिहरी गढ़वाल के ग्राम कोट में भूस्खलन से हुई दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दुर्घटना में मृतकों की आत्मा की शान्ति की प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने टिहरी जिले के कोट गांव में भूस्खलन की घटना में मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए स्थानीय प्रशासन को तेजी से राहत बचाव कार्य करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी टिहरी को निर्देश दिये कि शीघ्र ही घायलों की उचित इलाज की व्यवस्था एवं अनुमन्य आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

भूस्खलन से जमींदोज हुए मकान के मलबे में लापता लोगों को तलाशती रेस्क्यू टीम व ग्रामीण।