झारखंड में बिजली हुई 98 फीसदी महंगी

आईएएनएस, रांची

झारखंड की भाजपा सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर में 98 फीसदी की बढ़ोतरी की है, जबकि वाणिज्यिक उद्योगों के लिए मामूली तस्ती कर दी है। सिंचाई के लिए सवा रुपये की दर से बिजली लेने वाले किसानों को अब पांच रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल चुकाने होंगे। राज्य विद्युत नियामक बोर्ड की ओर से शनिवार को नई दरों की घोषणा की गई। नई दरों के मुताबिक, घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट के लिए जहां पहले तीन रुपये प्रति यूनिट अदा करने पड़ते थे, वहीं अब उन्हें 5.5 रुपये प्रति यूनिट का भुगतान करना होगा। जबकि वाणिज्यिक उद्योगों को पहले 6.80 रुपये प्रति यूनिट का भुगतान करना पड़ता था, वहीं अब उन्हें प्रति यूनिट छह रुपये देने होंगे।

बिजली दर में 98 फीसदी इजाफे पर मुख्यमंत्री रघुबर दास ने सफाई दी कि नई दरें राज्य के ऊर्जा तंत्र को बेहतर बनाने के लिए लागू की गई हैं।

उन्होंने कहा कि गरीब मजदूरों, किसानों और छोटे व्यापारियों को राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी मुहैया कराई जाएगी और इस संबंध में जल्द ही घोषणा की जाएगी।

ग्रामीण इलाकों में वर्तमान दर 1.25 रुपये प्रति यूनिट थी, जिसे बढ़ाकर 4.40 रुपये तय कर दी गई है।

किसानों को सिंचाई के लिए वर्तमान दर 70 पैसे से 1.25 रुपये की बजाय अब पांच रुपये प्रति यूनिट की दर से चुकाने होंगे।

बढ़ी दरों की आलोचना करते हुए कांग्रेस महासचिव किशोर सहदेव ने आईएएनएस से कहा, "झारखंड में बिजली की आपूर्ति की दशा बहुत खराब है और ऊपर से 98 फीसदी महंगी कर दिया जाना लोगों के लिए तगड़ा झटका है। यह जनविरोधी कदम है। भाजपा लोगों को सिर्फ झटके पर झटका दे रही है। हम विधानसभा में इसका विरोध करेंगे और सड़कों पर उतरेंगे।"