जिद है एक सूरज उगाना है..

रोशन/सहारा न्यूज ब्यूरो, नई दिल्ली

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वर्तमान कार्यकाल के आखिरी संबोधन में 2019 के लिए एजेंडा तय दिया। उन्होंने देशवासियों के सामने अपने आपको परिवर्तन का दूत प्रस्तुत करते हुए कारण भी गिनाये। उन्होंने महिलाओं, सैनिकों, अल्पसंख्यक महिलाओं, गरीब तबके, किसानों और युवाओं के आंखों में अच्छे दिनों के सपने दिखाये हैं। उन्होंने इस मौके पर अपने इरादे को इस कविता के रूप में पेश किया-जिद है एक सूरज उगाना है, अम्बर से ऊंचा जाना है, एक नया भारत बनाना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं को 2019 के लिए मजबूत दावेदार के रूप में पेश करते हुए नारों और कविताओं का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि हमें ठहराव स्वीकार नहीं और झुकना उन्होंने सीखा ही नहीं। उन्होंने एक कविता पढ़ी, जिद है एक सूरज उगाने, अम्बर से ऊंचा जाना है, एक नया भारत बनाना है, ने साफ कर दिया है कि अगला चुनाव वह विकास और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर लड़ेंगे। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि उन्हें बेसब्री है, देश को दूसरे देशों से आगे करने की, बेचैनी है बच्चों से कुपोषण दूर करने की।
मोदी का यह पांचवां भाषण था। लगातार पांचवीं बार लालकिले की प्रचीर से भाषण देने वाले वह सातवें प्रधानमंत्री बन गये। अब के प्रधानमंत्रियों में से सबसे लम्बा भाषण भी उन्हीं के नाम पर दर्ज है। उन्होंने पहली बार 65 मिनट, दूसरी बार 86 मिनट, तीसरी बार 94 मिनट, चौथी बार 56 और पांचवी बार 82 मिनट लम्बा भाषण दिया। इस बार जैसे कि उम्मीद थी, उन्होंने अपने चार साल के कार्यकाल का हिसाब दिया और अगली बार फिर से सत्ता मिलने पर भविष्य के लिए संकल्प तय किये।
प्रधानमंत्री ने पूरा भाषण  देश और देशवासियों के विकास पर केंद्रित रखा। इससे साफ हो गया है कि उनका एजेंडा विकास पर ही रहेगा। प्रधानमंत्री जन आरोग्य अभियान की तकनीकी शुरुआत आज से हो गयी है लेकिन औपचारिक तौर पर यह 25 सितम्बर से होगी। इस योजना में देश का कम से कम 50 करोड़ नागरिक कवर होगा। प्रधानंमत्री ने कहा बाद में इसमें निम्न आयवर्ग और मध्यम आयवर्ग को जोड़ा जाएगा। इसका अर्थ हुआ  कि यदि मोदी सरकार दोबारा सत्ता में आती है तो आयुष्मान भारत योजना का आकार बढ़ जाएगा।
उन्होंने कहा, मैं बेसब्र हूं, क्योंकि जो देश हमसे आगे निकल चुके हैं, हमें उनसे भी आगे जाना है।  मैं बेचैन हूं, हमारे बच्चों के विकास में बाधा बने कुपोषण से देश को मुक्त कराने के लिये। मैं व्याकुल हूं, देश के हर गरीब तक समुचित स्वास्थ कवर पहुंचाने के लिए, ताकि वो बीमारी से लड़ सके। मैं व्यग्र हूं, अपने नागरिकों की जीवन की गुणवत्ता को सुधारने के लिए, मैंअधीर हैं क्योंकि हमें ज्ञान-आधारित चौथी औद्योगिक क्रांति की अगुवाई करनी है। वह आतुर हैं क्योंकि चाहते हैं कि देश अपनी क्षमताओं और संसाधनों का पूरा लाभ उठाए। उनकी सरकार हर भारतीय को आवास, बिजली कनेक्शन, जल, शौचालय, किफायती स्वास्थ्य सेवा तथा बीमा कवर उपलब्ध कराने को प्रयासरत हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, हम चाहते हैं कि हर भारतीय के पास अपना घर हो, हर भारतीय के घर में बिजली कनेक्शन हो, हर भारतीय की रसोई धुआं मुक्त हो, हर भारतीय के घर में जरूरत के मुताबिक जल पहुंचे, हर भारतीय के घर में शौचालय हो, हर भारतीय अपने मनचाहे क्षेत्र में कुशलता हासिल कर सके, हर भारतीय को अच्छी औऱ किफायती दर में स्वास्थ्य सेवा सुलभ हो और हर भारतीय को बीमा का सुरक्षा कवच मिले।