जल, जंगल, जमीन का अधिकार देंगे : राहुल

वार्ता, मुरैना

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज कहा कि उनकी पार्टी आदिवासियों और किसानों को जल, जंगल और जमीन का अधिकार देकर रहेगी। गांधी ने मध्य प्रदेश के मुरैना में जन आंदोलन रैली को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में किसान, आदिवासी, गरीब, मजदूर, दलित और अल्पसंख्यकों के हक एक के बाद एक छीने जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पंचायती राज व्यवस्था को कमजोर किया है और मनरेगा को प्रशासन चलाना नहीं चाहता। पंचायतों के प्रावधान (अधिसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम और आदिवासी बिल तरीके से लागू नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन में आते ही आदिवासी बिल लागू किया जाएगा। गांधी ने वादा किया कि उनकी पार्टी किसानों को फसल का नुकसान होने पर गांव के आधार पर नहीं बल्कि खेत के आधार पर बीमा कवर उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि बीमे के नाम पर आपसे राशि ले ली जाती है, लेकिन आपको उसका फायदा नहीं मिलता, क्योंकि आपसे कहा जाता है कि बीमा गांव के आधार पर किया गया था।
कांग्रेस अध्यक्ष ने उद्योगपति नीरव मोदी और विजय माल्या के देश से भागने को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला किया। उन्होंने यह आरोप भी दोहराया कि राफेल सौदे में प्रधानमंत्री ने अपने उद्योगपति दोस्त अनिल अंबानी के जेब में 30 हजार करोड़ रुपए डाल दिए। गांधी ने कहा कि हमारी लड़ाई न्याय के लिए है। वे सहमत हैं कि कभी-कभी उद्योगपतियों को आगे बढ़ने के लिए राहत देनी पड़ती है, लेकिन ऐसी सहानुभूति किसानों के कर्ज के मामले में नहीं दिखाई जाती। गांधी ने कहा कि जमीनों में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार किया गया है, जिससे गरीबों और मजदूरों को परेशानी हुई है। हम भूमि अधिग्रहण बिल के लिए लड़े और उसे लागू कराया। उन्होंने पूछा कि झूठे वादे किसने किए। कौन अंबानी और नीरव मोदी के साथ खड़ा है और कौन किसान और मजदूर के साथ। उन्होंने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि भारत की प्रगति का लाभ कुछ चुने हुए लोगों को मिले, वहीं कुछ लोग चाहते हैं कि इसका फायदा सभी को मिले। एक तरफ भाजपा है और दूसरी तरफ जनता, किसान, मजदूर, छोटे उद्योगपति, आदिवासी, दलित, महिलाएं और कांग्रेस है।