जम्मू कश्मीर के पुलिसकर्मी को मरणोपरांत ‘शौर्य चक्र’

भाषा, नयी दिल्ली

जम्मू कश्मीर के एक पुलिस कांस्टेबल को राज्य में आतंकवादियों से मुकाबले के दौरान अदम्य साहस दिखाने के लिए मरणोपरांत शौर्य चक्र दिया गया है।          

बारामूला जिले में उरी निवासी मंजूर अहमद नाइक ने पांच मार्च 2017 को आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में त्राल के हफ्फू नीगेनपुरा गांव में अपना बलिदान दिया था।          

जम्मू कश्मीर पुलिस, राष्ट्रीय राइफल और सीआरपीएफ के संयुक्त अभियान में नाइक भी शामिल थे।          

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि उस दिन नाइक ने एक घर में छिपे आतंकियों को बाहर निकालने की कोशिश की थी।           

मुठभेड़ के दौरान हिज्बुल मुजाहिद्दीन के दो आतंकी मारे गए और मारे गए आतंकवादियों के पास से दो एके-47 राइफलों सहित भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद किये गए।          

अधिकारी ने कहा कि अपनी जान की परवाह किये बिना नाइक आखिरी सांस तक लड़ते रहे। नाइक की बहादुरी का सम्मान करते हुए सरकार ने मरणोपरांत उन्हें शौर्य चक्र प्रदान किया है ।           

शौर्य चक्र साहस, बहादुरी और आत्म बलिदान के लिए देश का सैन्य सम्मान है।