...जब 'लिटिल ब्वॉय' ने एक झटके में तबाह कर दिया था पूरा शहर

एजेंसी, टोक्यो

जापान के शहर हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराए जाने के 73 साल पूरे होने पर आज सुबह एक घंटी बजाकर उस दिन को याद किया गया जब विश्व का पहला परमाणु हमला हुआ था।

छह अगस्त 1945 में सुबह 8.15 बजे एक अमेरिकी बी-29 बमवर्षक ने शहर पर एक अणु बम गिराया था, जिससे पूरा का पूरा शहर तबाह हो गया था। इससे कुछ ही सेकेंडों में हजारों लोगों की मौत हुई और बाद में सैकड़ों लोग मरे।

इतने बरस बीत जाने के बाद भी हिरोशिमा के ज़ख्म ताज़ा हैं। अमेरिका ने द्वितीय विश्व युद्ध के आखिरी समय में जापान पर दो परमाणु बम गिराये थे।

अमेरिकी विमान ने पहला बम छह अगस्त 1945 को हिरोशिमा पर 'लिटिल ब्वॉय' और दूसरा नौ अगस्त 1945 को नागासाकी पर 'फैट मैन' गिराया था।

इस परमाणु हमले से छह महीने पहले तक अमेरिका ने जापान के 67 शहरों पर भारी बमबारी की।

हिरोशिमा पर परमाणु बम हमले के 73 साल

अमेरिका ने ब्रिटेन, चीन के साथ मिलकर 26 जुलाई 1945 को जापान को पॉट्सडैम घोषणापत्र के जरिये आत्मसमर्पण का आह्वान किया लेकिन जपान ने इस अल्टीमेटम को नजरंदाज किया.

अमेरिका के राष्ट्रपति हैरी एस ट्रूमैन के कार्यकारी आदेश पर छह अगस्त के जरिये देश ने 'लिटिल ब्वॉय' नाम का परमाणु बम हिरोशिमा पर गिरा दिया। इसके बाद नौ अगस्त को नागासाकी पर 'फैट मैन' गिराया गया।

इन दोनों परमाणु बमों के गिराये जाने के दो से चार महीनों में हिरोशिमा में एक लाख से अधिक लोग और नागासाकी में 60 से 80 हजार लोगों की मौत हो गई।

अमेरिका की ओर से हिरोशिमा या नागासाकी पर गिराये गए परमाणु बम का वजन 12 से 15 किलोटन था।

इस विभिषिका के परिणाम आज भी इस नगर के लोग भुगत रहे हैं।

विश्व में अभी तक इन दो परमाणु हमलों के अलावा अन्य कोई परमाणु हमला नहीं हुआ है।