चैम्पियंस ट्रॉफी : नीदरलैंड्स को 1-1 से ड्रॉ पर रोक भारत दूसरी बार फाइनल में, आस्ट्रेलिया से भिड़ेगा

आईएएनएस, ब्रेडा (नीदरलैंड्स)

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने आठ बार की चैंपियन और मेजबान नीदरलैंड्स को शनिवार को 1-1 से ड्रॉ पर रोक कर चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में प्रवेश कर लिया, जहां अब खिताब के लिए रविवार को उसका सामना 14 बार की चैंपियन आस्ट्रेलिया से होगा। भारत दूसरी बार फाइनल में पहुंचा है। भारत ने पांच मैचों में दो जीत, दो ड्रॉ और एक हार के साथ आठ अंक लेकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। वहीं आस्ट्रेलिया पांच मैचों में तीन जीत, एक ड्रॉ और एक हार के साथ 10 अंक लेकर पहले ही फाइनल में जगह बना चुकी है।

भारत के लिए मंदीप सिंह ने 47वें मिनट में जबकि नीदरलैंड्स के लिए थिएरी ब्रिंकमेन ने 55वें मिनट में बराबरी का गोल दागा।

भारत ने मुकाबले के पहले हाफ के दो क्वार्टर में गेंद पर नियंत्रण तो बनाए रखा लेकिन वह सही मूव नहीं बना पा रहा था। पहले हाफ में भारत को दो और मेजबान नीदरलैंड्स को तीन पेनाल्टी कॉनर्र मिले।

हालांकि दोनों ही टीमें इसमें गोल करने में विफल रही। नीदरलैंड्स ने पहला हाफ समाप्त होने से कुछ मिनट कई जोरदार हमले किए लेकिन वह भारतीय रक्षापंक्ति को भेद नहीं पाई और पहला हाफ गोल रहित रहा।

तीसरे क्वार्टर में 41वें मिनट में एसवी सुनील ने मनदीप को एक बेहतरीन पास दिया लेकिन वह ठीक से नहीं लेक सके और भारत के लिए गोल करने का एक मौका हाथ से चला गया।

चौथे और आखिरी क्वार्टर में 47वें मिनट में भारतीय टीम को तीसरी पेनाल्टी कॉर्नर मिली और हरमनप्रीत ने इस पर शॉट लगाया जिसे नीदरलैंड्स के गोलकीपर ने रोक दिया। लेकिन मनदीप सिंह ने दूसरे प्रयास में गोल कर भारत को पहली बढ़त दिला दी।

भारत की यह बढ़त ज्यादा देर तक कायम नहीं रह पाई क्योंकि आठ बार की चैंपियन नीदरलैंड्स ने 55वें मिनट में थिएरी ब्रिंकमेन के मैदानी गोल से 1-1 से बराबर हासिल कर लिया। हालांकि भारत ने रेफरल की जरिए इस गोल को रद्द करने की मांग की, लेकिन वीडियो अंपायर ने इसे खारिज कर दिया।

इसके बाद नीदरलैंड्स ने 58वें मिनट में एक मैदानी गोल के जरिए 2-1 की बढ़त हासिल की। भारत ने इसे लेकर रेफरल मांगा, जिस पर मैच रेफरी ने फैसला भारत के पक्ष में सुनाया। भारत पर से संकट टल गया।

इसके बाद नीदरलैंड्स ने 59वें मिनट में लगातार तीन पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किए। भारत पर एक बार फिर हार का संकट मंडराने लगा था लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने तीन पेनाल्टी कॉर्नर को बेकार कर 1-1 की बराबरी के साथ अपनी टीम का फाइनल में जाना तय किया।