ग्रामीणों ने पकड़ा तेंदुआ, वन विभाग को सौंपा

वार्ता , कांकेर

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पिछले चार महीने से आतंक के पर्याय बने एक तेंदुए को ग्रामीणों ने आपसी समन्वय से पिंजरे में कैद कर लिया।

ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे वन विभाग के अमले ने तेंदुए को विभाग के रेस्ट हाउस में पहुंचाया। अब इसे कांगेर राष्ट्रीय उद्यान, जगदलपुर भेजे जाने की तैयारी की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक लगभग चार माह पहले इस तेंदुए ने जिला मुख्यालय से दस किलोमीटर दूर ग्राम खमडोड़गी में घर में सो रही एक बुजुर्ग महिला को अपना शिकार बना लिया था।

इसके बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल था और वन विभाग आदमखोर तेंदुए को पकड़ने की जुगत लगा रहा था। विभाग ने इसके लिए कैमरे भी लगाए थे और लगातार तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन तेंदुए के लगातार जगह बदलने के कारण विभाग को सफलता नहीं मिल रही थी।

ग्राम पंचायत कोकपुर के उपसरपंच जगदीश सोनी ने बताया कि गुरुवार रात लगभग नौ बजे खमडोड़गी निवासी रामजी की बेटी ने अपने घर के बाड़े में तेंदुए को देखा। परिवार ने घटना की जानकारी सरपंच प्यारसिंह मंडावी को दी। सरंपच प्यारसिंह मंडावी और रामजी ने तेंदुए को पिंजरे में पकड़ने के लिए एक बकरी ले जाकर पहाड़ी किनारे वन विभाग द्वारा रखे गए पिंजरे में बांध दी। आधे घंटे बाद तेंदुआ बकरी के शिकार के लिए पिंजरे के अंदर आया और फंस गया। सरपंच ने वन विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी।

विभाग का अमला देर रात ही गांव में पहुंच गया और रात में ही तेंदुए को लेकर फारेस्ट रेस्ट हाउस पहुंचा।

डिप्टी रेंजर हीरा सिंह ठाकुर ने बताया कि तेंदुए पर लगातार नजर रखी जा रही थी और ग्रामीणों के सहयोग से उसे पकड़ लिया गया है। तेंदुआ व्यस्क है। उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।