गुणकारी सीबकथॉर्न बना मधुमेह और लिवर रोगों के नियत्रंण में चमत्कार

वार्ता, चंडीगढ़

हिमालय के ऊपरी क्षेत्रों में पाई जाने वाली झाड़यिों में लगने वाला फल ‘सीबकथॉन’ मधुमेह और लिवर रोगों पर नियत्रंण एवं उपचार में चमत्कार साबित हो रहा है।  

पीले रंग का यह छोटा फल 24 मिनरल्स, 18 एमिनो एसिड, बिटामिन सी और एंटी ऑक्सीडेंट्स जैसे गुणों से भरपूर है जो सम्भवत: किसी अन्य फल में इतनी मात्रा में नहीं पाये जाते। पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जब रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआडीओ) के अध्यक्ष थे तो उन्होंने इस अनूठे फल के गुणों को लेकर डीआरडीओ की लद्दाख में लेह स्थित प्रयोगशाला को अनुसंधान करने के निर्देश दिये थे और इसके चमत्कारिक परिणाम सामने आये।  

इसी सीबकथॉर्न फल से दिल्ली स्थित कम्पनी प्रिमोक नेचुरैली केयर ने देश में पहली बार मधुमेह, लीवर, उच्च रक्तचाप और गैस आदि रोगों की दवाएं आज बाजार में उतारीं। इस मौके पर कम्पनी के चेयरमैन डी.के. मित्तल ने यहां बताया कि इन दवाओं को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, एसआरएम विश्वविद्यालय, चैन्नई और आदेश विश्वविद्यालय बठिंडा (पंजाब) के लगभग 20 वर्ष अनुसंधान और लगभग 30 हजार लोगों पर परीक्षणों के बाद बाजार में लाया गया है। खास बात यह है कि इन दवाओं का कोई दुष्प्रभाव नहीं है तथा ये व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता में भी इजाफा करती हैं।    

मित्तल के अनुसार ये दवाएं तमिलनाडु के मदुरै में प्रसंस्कृत की जाती है तथा इनकी पैकिंग सहारनपुर में की जा रही है। उन्होंने बताया कि दवाओं को केंद्रीय आयुष मंत्रालय से भी मंजूरी मिली हुई है तथा ऑनलाईन और ऑफलाईन उपलब्ध हैं। कम्पनी जल्द ही मिनिरल वॉटर भी बाजार में उतारेगी।
   
इस मौके पर हिमाचल प्रदेश स्थित मैडीसिस बायोटैक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक तथा हर्बल एवं आयुर्वेदिक दवा विशेषज्ञ डा0 के.एन. सिंह भी उपस्थित थे।