गरीबों के बारे में क्या सोचते हैं आला अफसर, बताना होगा

भाषा, नई दिल्ली

कार्मिक मंत्रालय द्वारा अंतिम रूप दिए गए मसौदा मूल्यांकन प्रपत्रों के मुताबिक सचिव और अतिरिक्त सचिव के स्तर पर शीर्ष आईएएस अधिकारियों का मूल्यांकन जल्द ही समाज के कमजोर वगरे के प्रति उनके रवैये के आधार पर किया जाएगा।

इसके अलावा, उनकी वाषिर्क प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट में समय पर और विशेष रूप से जटिल तथा महत्वपूर्ण परिस्थितियों में प्रभावशाली निर्णय लेने की क्षमता का ब्योरा होगा। प्रारूप के अनुसार उनसे अपने गुणों पर 50 या उससे कम शब्दों में टिप्पणी करने के लिए कहा जाएगा।

कार्मिक मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा है और उनसे भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए वाषिर्क प्रदर्शन मूल्यांकन फॉर्म में बदलाव के सुझाव मांगे हैं।

केंद्र की विज्ञप्ति में कहा गया है, उन्हें 28  जून तक इस प्रस्ताव पर अपनी टिप्पणियां/विचार प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है और यदि निर्धारित समय के भीतर कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है, तो यह माना जाएगा कि राज्य सरकार के प्रस्तावित संशोधन पर कोई आपत्ति नहीं है।

सचिव और अतिरिक्त सचिव स्तर के अधिकारियों को छोड़कर सभी आईएएस अधिकारियों का सामान्य रूप से उनकी ‘निष्ठा’ का मूल्यांकन किया जाएगा। प्रारूप के अनुसार सचिव और अतिरिक्त सचिव स्तर के अधिकारियों का मूल्यांकन ‘वित्तीय निष्ठा’ और ‘नैतिक निष्ठा’ दोनों के आधार पर किया जायेगा।