केरल में भारी बारिश-भूस्खलन से 24 की मौत, सेना और एनडीआरएफ तैनात

वार्ता , कोच्चि

केरल में जारी बारिश के दौरान 24 लोगों की मौत हो गई और नौ लोग घायल हो गए हैं जबकि अन्य नौ लोग लापता हो गये हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सबसे ज्यादा 11 मौतें इडुकी जिले में भूस्खलन से हुई जबकि मलप्पुरम में पांच, वायनाड में तीन, एर्नाकुलम और कन्नूर से दो-दो और कोझिकोड जिले में एक की मौत हुई है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बांधों के जलाशयों के अधिकतम भंडारण क्षमता तक पहुंचने के बाद राज्य के 24 जलाशयों के द्वार पानी छोड़ने के लिए खोल दिए हैं।

सूत्रों ने बताया कि इडुकी जिले में देवकीकुलम तालुक में बाढ़ के पानी के साथ भारी मात्रा में कीचड़ गिरने से एक परिवार के पांच सदस्यों सहित 11 लोग जिंदा दफन हो गए। मृतकों की पहचान पतुम्मा (65), मुजीब (38) और उसकी पत्नी शमीरा (35) और उनके बच्चे दीया (7) और मिया (5) के रूप में हुई है। एक युगल की पहचान मोहन और शोभना के रूप में हुई जो इसी क्षेत्र में जिंदा दफन हो गये। इस दुर्घटना में दो लापता हैं और नौ लोग घायल हुए हैं। भूस्खलन में चार अन्य ऑगस्टीन, लक्ष्मीकुट्टी, तनकामा और एलीकुट्टी की भी मौत हुई है।

सूत्रों ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान इडुकी जिले में 144.772 मिमी बारिश हुई है और जिले के पहाड़ी इलाकों में 78 भूस्खलन की सूचना मिली है।

मलप्पुरम जिले में भूस्खलन की एक घटना में एक ही परिवार के पांच लोग जिंदा दफन हो गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद इन सभी को मलबे से बाहर निकाला गया और इनकी पहचान कुन्ही (55), गीता (24), मिथुन (17), नवनीत (6) और निवेध (4) के तौर पर की गई है। परिवार का एक अन्य सदस्य सुब्रमण्यन (30) लापता है।

मलप्पुरम के निलांबुर क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में 22.34 मिमी बारिश हुई और अब भी बारिश जारी है। सेना और अन्य आपदा प्रबंधन बल राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं।

सूत्रों ने बताया कि कन्नूर जिले में 177 परिवारों को राहत शिविर में भेजा गया है क्योंकि तालिपरमबा और इरिटि क्षेत्रों में भारी बारिश होने के अनुमान है। यहां दो मौतें हुई हैं हालांकि जिला प्रशासन राहत एवं बचाव में लगा हुआ है।

वायनाड जिले में व्यात्रि और मत्तिमला में दो अलग जगहों पर भूस्खलन होने से तीन लोगों की मौतें हुई हैं। पहली घटना में 50 वर्षीय महिला लिली की मौत हुई है जबकि दूसरी घटना में एक युगल की मौत हुई है जिनकी पहचान रजाक और उसकी पत्नी जीनत के रूप में हुई है।

सूत्रों ने कहा कि वायनाड जिले में सर्वाधिक 245.37 मिमी बारिश हुई है और यहां 94 राहत शिविर बनाए गए हैं जिनमें 1416 से अधिक परिवार (5522 सदस्य) रह रहे हैं।

एनडीआरएफ के अलावा, प्रादेशिक सेना और नौसेना पहाड़ी जिले में बचाव और अन्य राहत गतिविधियों में सहायता कर रही है।