किसान कल्याण रैली: मोदी का कांग्रेस पर हमला- किसान चैन से, कांग्रेस की नींद उड़ी

वार्ता, मलौट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर आज हमला बोलते हुये कहा कि उसने अपने लगभग 70 साल के शासन में किसानों का केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल कर इनका शोषण किया लेकिन उनकी सरकार में किसान चैन की नींद सो रहा है और कांग्रेस तथा उसके सहयोगियों की नींद  उड़ गई है।

मोदी ने पंजाब के मुक्सतर जिले में यहां शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और भाजपा गठबंधन द्वारा केंद्र सरकार के हाल ही में 14 खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाये जाने को लेकर आयोजित ‘किसान कल्याण रैली’ को सम्बोधित करते हुये कांग्रेस पर हमला जारी रखा। उन्होंने कहा कि इस पार्टी ने अपनी शासनकाल में किसान और कृषि को तवज्जो नहीं दी और इनकी अनदेखी की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने किसानों को केवल वोट बैंक के रूप में ही देखा और इनसे झूठे वादे कर इन्हें धोखा दिया तथा केवल एक ही परिवार के उत्थान में लगी रही।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने किसानों के लिये अनेक कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं जिनसे पंजाब ही नहीं बल्कि समूचे देश के किसान लाभान्वित होंगे। उनकी सरकार ने किसानों के लिये लागत से डेढ़ गुणा एमएसपी तय कर अपना वादा पूरा कर दिया है। सरकार के इन कदमों से किसान जहां राहत महसूस कर रहे हैं वहीं कांग्रेस और इसके सहयोगियों की नींद उड़ गई है और वे अनर्गल बयानबाजी पर उतर आई है। किसान की फसल बर्बाद न हो इसके लिए प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना चल रही है। देशभर में नए गोदाम और फूड पार्क बनाए जा रहे हैं। पूरी सप्लाई चेन को मजबूत किया जा रहा है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसान को उसकी फसल नष्ट होने की वजह से नुकसान न उठाना पड़े। सरकार गांव का गौरव और किसानों के सम्मान को फिर से स्थापित करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में यूरिया की हमेशा किल्लत रहती थी। सिंचाई के लिए किसानों को पानी नहीं मिलता था लेकिन उनकी सरकार जहां किसानों को न केवल सस्ती दरों पर पर्याप्त यूरिया मुहैया करा रही है बल्कि उसने किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिये अनेक सिंचाई परियोजनाएं भी शुरू की हैं। सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है। देश में 15 करोड़ से ज्यादा किसानों को मृदा स्वास्थय कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। देश में मृदा जांच हेतु नौ हजार से अधिक प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं जबकि कांग्रेस के शासन में यह केवल 45-50 ही थीं।

किसानों ने किया विरोध
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बुधवार को रैली के मौके पर विभिन्न संगठनों से जुड़े किसानों ने प्रदर्शन किया और काले झंडे लहराए। पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सभास्थल से कुछ दूरी पर ही प्रदर्शनकारी किसानों को रोक दिया और कुछ को हिरासत में ले लिया। प्रधानमंत्री मोदी के यहां के दौरे की वजह से कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।