किसानों की आमदनी पर सरकार की गारंटी

आईएएनएस, नई दिल्ली

आम चुनाव में जाने से पहले भाजपा नेतृत्व वाली मोदी सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने के अपने चुनावी वादे को पूरा करने के लिए बुधवार को एक और कदम उठाया है। कैबिनेट ने किसानों को फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) को आज मंजूरी दे दी। इथेनॉल कीमत बढ़ाने का भी फैसला लिया गया है, इससे भी किसानों की आय बढ़ेगी। सरकार ने किसानों की आमदनी को यकीनी बनाने के लिए 16550 करोड़ की बैंक गारंटी का भी प्रावधान किया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों के हित में तीन योजनाओं वाली एक छत्तरी योजना प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान को मंजूरी दी है। इस योजना में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की गारंटी दी गई है। यदि किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम की दर मिलती है तो उसकी भरपाई सरकार करेगी। बैठक के बाद कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इस नयी योजना के तहत पहले से चल रही मूल्य समर्थन योजना, मूल्य अंतर भुगतान योजना (भावान्तर) तथा निजी खरीद एवं भंडारण को पायलट योजना के रूप में शामिल किया गया है।

सरकार ने अधिक मात्रा में फसलों की खरीद के लिए निजी क्षेत्र की खरीद योजना को पायलट योजना के रुप में मंजूरी दी है। इसके तहत राज्य चुनिंदा जिलों में तिलहनों की खरीद कर सकते हैं।  इस योजना के तहत अधिसूचित समय के दौरान अधिसूचित बाजार में निबंधित किसानों से चुनी गयी निजी एजेंसी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद कर सकेगी। सरकार ने इस वर्ष फसलों की खरीद के लिए 16550 करोड़ रुपए के बैंक गारंटी का प्रावधान किया है।

गन्ने से शत-प्रतिशत इथेनॉल बनाने वाली मिलों को 59 रुपए प्रति लीटर की सब्सिडी : कैबिनेट ने चीनी उत्पादन को हतोत्साहित करने और गन्ने से सीधे इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गन्ने से शत-प्रतिशत इथेनॉल बनाने वाली मिलों को 59.19 रुपए प्रति लीटर की सब्सिडी देने की घोषणा की है। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार जो कंपनियां गन्ने के रस से चीनी का उत्पादन किये बिना सीधे शत-प्रतिशत इथेनॉल बनायेंगी उन्हें सरकार प्रति लीटर 59.19 रुपए की सब्सिडी देगी। इससे देश में इथेनॉल का उत्पादन बढ़ेगा।

पेट्रोल में मिल सकता है 10 फीसद इथोनॉल : वर्तमान व्यवस्था के तहत पेट्रोल में 10 प्रतिशत तक इथोनॉल मिलाया जा सकता है। सरकार का लक्ष्य इथेनॉल का इस्तेमाल बढ़ाकर कच्चे तेल का आयात कम करना है। देश में वर्तमान में भारी मा में चीनी का भंडार है और इस फैसले से गन्ना किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सकेगा। चीनी न बनाने के कारण मिलों को होने वाले नुकसान की भरपाई उन्हें ज्यादा मूल्य देकर की जायेगी।