काम तमाम

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दशक भर से दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में दहशत का दूसरा नाम बने ‘क्रांति गैंग’ को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने खामोश कर दिया। पुलिस के साथ मुठभेड़ में गिरोह सरगना राजेश कंडीला उर्फ राजेश भारती के अलावा तीन अन्य बदमाश भी मार गिराए गए। राजेश ने एक साल पहले ही दिल्ली-एनसीआर में खौफ फैलाने के लिए ‘क्रांति गैंग’ बनाई थी।

इस पर दो लाख रुपये का इनाम था। कहने को यह गैंग भले वारदात को अंजाम देने के बाद घटनास्थल पर पर्ची फेंकता था, जिसमें अपनी नाजायज और आपराधिक कृत्य को देशहित में अंजाम देने की बात लिखी होती थी, मगर ऐसा कुछ होता नहीं था। दरअसल, इस तरह की बातें कहकर या पर्ची फेंककर यह गैंग अपने जरायम को जायज ठहराने और इसकी आड़ में जांच को भ्रमित करने की कोशिश करता था।

इस गैंग पर जबरन उगाही, कार चोरी, हत्या और हत्या की कोशिश, फिरौती के लिए दिनदहाड़े लोगों को उठा लेना, लूट आदि के कई मामले दर्ज थे। पुलिस इस गैंग पर पिछले कई हफ्ते से नजर रखे हुए थी। हाल-फिलहाल में राजधानी में जिस तेजी से अपराधियों के हौसले बुलंद हुए और लचर कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस की किरकिरी हुई, उससे महकमे और मंत्रालय पर इस दाग को धुलने का भारी दबाव था।

यही वजह है कि ‘मिशन राजेश भारती’ को जल्द-से-जल्द और किसी भी हद तक जाकर पूरा किया गया। यह आसान बात नहीं है कि बेहद अत्याधुनिक असलहों से लैस बदमाशों से दिन के उजाले में आमना-सामना किया जाए। स्वाभाविक तौर पर खाकी ने प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद अपना इकबाल एक बार फिर बुलंद किया है। उन आठ जख्मी पुलिसकर्मियों की बहादुरी को भी सलाम।

लेकिन बिना बुलेटफ्रूफ जैकेट के अपराधियों से लोहा लेने से पुलिस को बचना होगा। पहले भी ऐसी लापरवाहियों का गंभीर नतीजा विभाग देख चुका है। अब पड़ताल इस बात की होनी चाहिए कि बदमाशों की गाड़ी में लगा विधायक का स्टिकर अगर असली तो वह किस विधायक की है? फार्महाउस जहां अक्सर यह गिरोह आता था, उसके मालिक की संलिप्तता गैंग से किस रूप में थी? अभी कई तथ्यों का बाहर आना बाकी है। हां, पुलिसिया कार्रवाई से बदमाशों में डर का माहौल जरूर पसरा है।